हिसार। तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर लौटी पर्वतारोही मनीषा पायल का वीरवार को शहर में अलग-अलग स्थानों पर जोरदार स्वागत किया गया। रेड स्क्वेयर मार्केट में राह ग्रुप फाउंडेशन की ओर से उनके सम्मान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस दौरान राह ग्रुप फाउंडेशन के राष्ट्रीय चेयरमैन नरेश सेलपाड़, संरक्षक प्रवीन त्यागी, सतपाल माचीवाल, राह क्लबों के हरियाणा प्रभारी कमल हांडा, राह संस्था की महिला प्रभारी पूनम मलिक, उपाध्यक्ष निर्मला सैनी, यूथ मॉटिवेटर सुनीता तंवर, गुरप्रीत सैनी, रामअवतार वर्मा, सतीश सरोहा, समाज सेविका अनु सोनी, हरियाणा रीति रिवाज मंच की सचिव डॉ. बबली चाहर सहित भारी संख्या में विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी व गण्यमान्य लोग मौजूद रहे।
14 अप्रैल को की थी चढ़ाई शुरू
राह संस्था की ब्रांड एंबेसडर मनीषा पायल ने 14 अप्रैल से लुकला एयरपोर्ट के पास स्थित बेस से अपनी टीम के साथ चढ़ाई आरंभ की थी। कई बाधाओं के बावजूद भी 22 मई को मनीषा ने अपने हौसले के सामने माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई को भी बौना साबित कर दिया था। इस अभियान के दौरान मनीषा 7 मई को बर्फीले तूफान से घिर गई थीं और उनकी जान पर बन आई थी, जिस कारण उन्हें वापस बेस कैंप लौटना पड़ा। इसी प्रकार दूसरी बार भी तूफान के कारण उन्हें वापस बेस कैंप में लौटना पड़ा। था।
चिल बर्न की हो गई थीं शिकार
मूलरूप से फतेहाबाद जिले के बनावाली गांव की मनीषा पायल के पिता महेंद्र पायल वर्तमान में हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और वे लंबे समय से हिसार पुलिस लाइन में ही रह रहें हैं। इस मिशन के दौरान माइनस 37 डिग्री तापमान होने के कारण मनीषा की तबीयत चिल बर्न के कारण काफी खराब हो गई थी। इस कारण उन्हें काठमांडू, दिल्ली व गुरुग्राम के अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती भी होना पड़ा था।
26 जनवरी को किलिमंजारो की थी फतेह
पर्वतारोही मनीषा पायल ने इससे पहले 26 जनवरी 2019 को दक्षिणी अफ्रीका की 19430 फुट ऊंची चोटी किलिमंजारो फतह की थी। उस समय वहां पर माइनस 70 डिग्री से भी कम तापमान था। यह ऐसा समय होता है जब बहुत पर्वतारोही इस विपरीत मौसम में इस चोटी की तरफ जाने की सोचते भी नहीं होंगे।
सेवन समिट पर तिरंगा लहराने का इरादा
दक्षिणी अफ्रीका की किलिमंजारो व माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा लहराने वाली मनीषा सेवन समिट यानी सातों महाद्वीपों की सात ऊंची चोटियों में शेष बची पांच चोटियों को भी फतेह करने का इरादा रखती है। मनीषा का कहना है कि इंडोनेशिया की कारस्टेंस पिरामिड शिखर, यूरोप की अलब्रर्स, अमेरिका की माउंट देनाली, अंटार्कटिका की विंसन की चढ़ाई करना उसका अगला लक्ष्य है।