हिसार। नगर निगम कार्यालय में लेबर एक्ट की पालना नहीं हो रही। आउटसोर्सिंग पर रखे गए कर्मचारियों को न तो समय पर वेतन दिया जाता है और न ही उन्हें वेतन स्लिप मिलती है। भारतीय मजदूर संघ के कार्यकारी सदस्य दिनेश वशिष्ठ की ओर से इसकी शिकायत उपायुक्त अशोक कुमार मीणा और निगम आयुक्त को की गई है। उपायुक्त ने निगम अधिकारियों को शिकायत कॉपी फॉरवर्ड करते हुए इसकी जांच आवश्यक कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट कार्यालय भिजवाने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम में इस समय करीब सवा सौ कर्मचारी आउटसोर्सिंग पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
एक साथ कई एक्ट की हो रही अनदेखी
अपनी शिकायत में दिनेश वशिष्ठ ने आरोप लगाया है कि लेबर लॉ एक्ट, कॉन्ट्रेक्ट लेबर रेगुलेशन एंड अबोलिशन एक्ट 1970, पेमेंट ऑफ वेजिज एक्ट 1936, ईपीएफ एक्ट, ईएसआई एक्ट और कम्पनसेशन एक्ट का नगर निगम कार्यालय में उल्लंघन हो रहा है। निगम में लगे कर्मचारियों का कॉन्ट्रेक्टर्स द्वारा शोषण किया जा रहा है। निगम के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को न तो समय पर सैलरी मिल रही है और न ही उन्हें सैलरी स्लिप दी जाती है। इसके अलावा कर्मचारियों के खातों से पैसे काटे जाने के बाद भी उन्हें ईएसआई कार्ड नहीं दिया गया है। लेबर वेलफेयर फंड भी लेबर डिपार्टमेंट में जमा नहीं करवाया जा रहा है।
सफाईकर्मी से लेकर डाटा एंट्री ऑपरेटर तक दे रहे सेवाएं
नगर निगम में इस समय 50 सफाई कर्मचारी जबकि 70 से अधिक लिपिकीय कार्यों के लिए कर्मचारी लगाए हुए हैं। इनमें क्लर्क, डाटा एंट्री ऑपरेटर व अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में लगे कर्मचारी शामिल हैं। इनमें से एक भी कर्मचारी को उक्त एक्ट के अनुसार मिलने वाली सुविधाएं नहीं दी जाती है। अगर लेबर डिपार्टमेंट संज्ञान ले तो निगम अधिकारियों से लेकर कांट्रेक्टर तक पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
हमारे पास लेबर एक्ट के उल्लंघन से संबंधित शिकायत आई है। शिकायत को मैंने अकाउंट ब्रांच में फॉरवर्ड करके सारी रिपोर्ट मांग ली है। रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. पीके हुड्डा, डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर
मैंने उपायुक्त व निगम आयुक्त को कर्मचारियों के हित के लिए अपनी शिकायत दी है। अगर शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया गया तो भारतीय मजदूर संघ कर्मचारियों को उनके हक दिलाने के लिए आंदोलन भी करने से नहीं चूकेगा।
- दिनेश वशिष्ठ, कार्यकारी सदस्य, भारतीय मजदूर संघ