अमर उजाला ब्यूरो
सिवानी मंडी। उमस भरी गर्मी के बीच सिवानी सहित गांवों में बिजली संकट बदस्तूर ढंग से जारी है। बिजली गुल होने के बाद कब आएगी इसकी जानकारी खुद अधिकारियों और कर्मचारियों के पास नहीं है। आलम यह है कि बिजली संकट के कारण बार-बार आ रहे फोन से परेशान होकर कर्मचारियों को पावर हाउसों का नंबर स्विच ऑफ करना पड़ रहा है। अधिकारियों के निजी फोन पर बात की जाती है तो वे पीछे से ही बिजली चले जाने का रटा-रटाया बहाना बनाकर अपना पीछा छुड़वा रहे है। बिजली निगम प्रशासन की इस लापरवाही से लोगों में रोष का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार सिवानी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह से बिजली संकट लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। बिजली के अभाव में क्षेत्र में बिजली पर आश्रम लघु उद्योग धंधे भी ठप पड़ गए है। गुरुवार को तेज अंधड़ की वजह से तो शुक्रवार को मुख्य बिजली घर में आई तकनीकी खराबी की वजह से शहर में दिन भर बिजली ठप रही। उमस भरी गर्मी के बीच बिजली संकट ने लोगों का दिन का चैन और रात की नींद छीन ली है। शहरवासी महेंद्र खिचड़, कुलदीप, गुलशन, प्रेम, संजय, शिवकुमार आदि का कहना है कि पिछले दो दिनों से रात के समय निगम का पावर हाउस पर रखा हुआ सरकारी मोबाइल फोन स्विच ऑफ आ रहा है। वे अधिकारियों से उनके निजी फोन पर बात करते है तो पीछे से ही लाइट जाने का रटा-रटाया बहाना बनाकर अपना पीछा छुड़वा लेते है। उन्होंने कहा कि हर बार गर्मियों के मौसम में बिजली संकट इसी तरह से रहता है। उनकी मांग है कि इसका स्थायी समाधान करवाया जाए।
तकनीकी खराबी को कर दिया है दूर-जेई
इस बारे में जेई पवन कुमार बेड़वाल का कहना है कि मुख्य पावर हाउस में तकनीकी खराबी की वजह से कुछ दिक्कत आई थी। पॉवर हाउस में सीटी रिस्टोर कर दी गई है और अब सिवानी सहित गांवों में बिजली से संबंधित कोई समस्या सामने नहीं आएगी।