हांसी के एक युवती बाल विवाह रुकवाने के लिए खुद प्रोटेक्शन ऑफिसर के पास पहुंच गई। 15 साल की इस युवती ने खुद अधिकारी के सामने पहुंचकर कहा कि मैं बालिका वधू नहीं बनाना चाहती। मेरे घर वाले मेरी शादी कर रहे हैं। 5 फरवरी को उसकी दिल्ली के एक युवक के साथ शादी की जानी है। इस पर संरक्षक एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी बबीता चौधरी ने युवती को उसे सुरक्षा के लिहाज से प्रोटेक्शन होम भेज दिया है। युवती ने माता पिता के साथ रहने से इनकार किया है। युवती ने कहा कि अगर वह इनके साथ रहेगी तो ये कभी भी उसकी शादी कर सकते हैं दूसरा उसे खतरा भी है। हालांकि युवती अब प्रोटेक्शन होम से भी चली गई है फिलहाल वह किसी आश्रम में रह रही है।
10 वीं पढ़ती है छात्रा
युवती 10 वीं कक्षा की छात्रा है। उसके पिता दिहाड़ी मजदूरी का काम करते हैं। माता पिता हालांकि थोड़े बहुत पढ़े लिखे हैं। बताया गया है कि वह इकलौती लड़की है। संरक्षक एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी ने बताया कि इस तरह का पहला मामला है जब लड़की वो भी 15 साल की है जो खुद चलकर आई है कि उसका बाल विवाह किया जा रहा है।