जिस मुआवजे को हासिल करने के लिए किसानों ने संघर्ष की लंबी लड़ाई लड़ी वह मुआवजा डेढ़ साल में भी किसानों तक नहीं पहुंचा। 2013 में कॉटन में व्हाइट फ्लाई से नुकसान होने पर सरकार की ओर से 27 करोड़ का मुआवजा जारी हुआ था, जिसमें 15 करोड़ का मुआवजा न किसानों तक पहुंचा न सरकार को वापस किया गया। अब सरकार ने यह मुआवजा ब्याज सहित वापस मांगा है। साथ ही इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी के बारे में भी रिपोर्ट मांगी है।
गौरतलब है कि वर्ष 2013 में कॉटन की फसल में व्हाइट फ्लाई के कारण भारी नुकसान हुआ था। लंबे समय तक किसानों ने प्रदर्शन किया, जिसके बाद तात्कालिक सरकार ने सर्वे कराया। सर्वे के बाद सरकार ने किसानों के लिए मुआवजा रिपोर्ट बनाई।
2014 में लोकसभा व विधानसभा चुनाव के कारण मुआवजा जारी नहीं हो सका। इस बीच कांग्रेस की सरकार चली गई। भाजपा सरकार ने किसानों का कपास का मुआवजा 12 हजार रुपये प्रति एकड़ तक कर दिया। किसानों की ओर से मुुआवजे की मांग लगातार जारी रही। जिस पर सरकार ने 2013 में नुकसान का मुआवजा 2015 में जारी किया।
सरकार की ओर से हिसार जिला के लिए 27 करोड़ 42 लाख 24 हजार 500 रुपये का मुआवजा भेजा गया था। करीब डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी यह आधे से ज्यादा मुआवजा किसानों तक नहीं पहुंचा। कुल 11 करोड़ 88 लाख 82 हजार 580 रुपये का मुआवजा वितरण हुआ। 15 करोड़ 53 लाख 41 हजार 920 रुपये राजस्व विभाग के स्थानीय खजाने में जमा हैं।
राजस्व विभाग की ओर से दो दिसंबर को इस बारे में चंडीगढ़ मुख्यालय को पत्र भेजकर अवगत कराया गया। जिस पर राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुुख्य सचिव ने हिसार डीसी को चिट्ठी लिखकर 15 करोड़ रुपये वापस भेजने के लिए कहा है।
ब्याज सहित वापस भेजें 15.53 करोड़
एसीएस की ओर से भेजी गई चिट्ठी में कहा गया कि 15 करोड़ से ज्यादा की रकम न तो प्रभावित किसानों को दी गई। न ही सरकार को वापस भेजी गई। इस बारे में संबंधित अधिकारी, कर्मचारी की जिम्मेदारी तय कर पूरी रिपोर्ट भेजें। रिपोर्ट मंडल आयुक्त के माध्यम से भेजी जाए। मुआवजे की 15 करोड़ की रकम ब्याज सहित वापस भिजवाना तय करें।
227 में से भी 44 करोड़ पास ही पड़ा
प्रदेश सरकार की ओर से 2014 में व्हाइट फ्लाई से हुए नुकसान का करीब 227 करोड़ रुपया 2016 में जारी किया गया था। करीब छह महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी इस 183 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया गया है। इसमें भी करीब 44 करोड़ का मुआवजा विभाग के पास ही पड़ा है।
कुछ महीने पहले मैंने कार्यभार संभाला था। मुझे 2013 के 27 करोड़ रुपये के मुुआवजे के बारे में जानकारी नहीं है। इस बारे में अधिकारियों से रिपोर्ट लेंगे। कहां किस स्तर पर चूक हुई इस बारे में पता किया जाएगा।
- ब्रह्मजीत अहलावत, जिला राजस्व अधिकारी, हिसार