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कैमरामैन से मारपीट केस में दलबीर किरमारा ,कुलदीप पाबड़ा की जमानत याचिका खारिज

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार। एस्मा के बावजूद हड़ताल में हिस्सा लेने वाले 36 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। जिसमें हिसार डिपो के 33 तथा हांसी सब डिपो के 3 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है। वीरवार को काम पर पहुंचे इन कर्मचारियों को हाजिरी नहीं लगाने दी गई। कर्मचारियों को कहा कि आप लोगों की फिलहाल जरूरत नहीं है कहकर वापस भेज दिया गया।
एस्मा के बावजूद रोडवेज के कर्मी हड़ताल पर गए थे। जिसमें हिसार डिपो में 37 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था। जिसमें 35 को बुधवार को जमानत मिल गई थी। दो को जेल भेजा गया है। वीरवार को रोडवेज मुख्यालय ने जमानत लेकर आए इन सभी 33 कर्मचारियों को निलंबित करने के आदेश आए। इसके अलावा हांसी सब डिपो के तीन कर्मचारियों को निलंबित किया है। कर्मचारी नेता सुशील कुमार, जोगेन्द्र, ईश्वर सिंह, रामपाल, रामबिलास, ओमप्रकाश, सुरेन्द्र सिंह, अनिल कुमार, नरेन्द्र कुमार, रवि शर्मा, रोहताश, विक्रम, कुलबीर, राम सिंह, सुभाष, प्रेम सिंह, बहादुर सिंह, आत्माराम, सुरेंद्र सिंह, रमेश कुमार, सुरेश, पटेल सिंह, बुधराम, सतबीर सिंह, पवन कुमार, सतपाल सिंह, पवन कुमार, दर्शन कुमार, धर्मपाल, वजीर सिंह, कृष्ण कुमार, जोगेंद्र सिंह सहित अन्य निलंबित किए गए हैं।
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कैमरामैन से मारपीट केस में किरमारा, पाबड़ा की जमानत याचिका खारिज
कैमरामेन के साथ मारपीट करने व कैमरा तोड़ने केे मामले में रोडवेज कर्मचारी नेता दलबीर किरमारा व कुलदीप पाबड़ा की जमानत याचिका लोअर कोर्ट में खारिज हो गई। जिसके बाद दोनों कर्मचारी नेताओं को को कोर्ट ने चौदह दिन के लिए जेल भेज दिया। बचाव पक्ष के वकील जमानत के लिए जिला सेशन जज को अपील करेंगे।
कर्मचारी नेताओं की जमानत को लेकर सीजेएम निधि बंसल की कोर्ट में वीरवार दोपहर को सुनवाई शुुुरू हुई। बचाव पक्ष के वकील मनमोहन राय ने जमानत के लिए जिरह की। पुलिस की तरफ से मामले में बस स्टैंड चौकी इंचार्ज चांदी राम ने कोर्ट को बताया कि हड़ताल को लेकर सरकार की तरफ से एस्मा एक्ट लागू किया हुआ है। उसके बावजूद इन लोगों ने रोडवेज के अन्य कर्मचारियों को हड़ताल करने के लिए उकसाया। जब ये बस स्टैंड पर भड़काऊ भाषण कर रहे थे तो पुलिस की तरफ से एक कर्मचारी वीडियो रिकार्डिंग कर रहा था। इन लोगों ने उस कर्मचारी के साथ मारपीट की व उसका कैमरा तोड़ दिया। दोनों आरोपियों ने सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाई। सीजेएम ने पुलिस का पक्ष सुनने के बाद आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया। दोनों आरोपी दलबीर किरमारा व कुलदीप पाबड़ा को चौदह दिन के लिए जेल भेज दिया गया। अब बचाव पक्ष के वकील इस बारे में सेशन जज से अपील करेंगे।

निलंबन के कारण 20 रूट प्रभावित
वीरवार को रोडवेज बस अड्डे पर हालात सामान्य रहे। सुबह साढे़ तीन बजे से ही बसों का संचालन शुरू हो गया था। किसी कर्मचारी ने विरोध करने का प्रयास नहीं किया। कर्मचारियों की ओर से हड़ताल को लेकर कोई एलान नहीं किया गया। 17 ड्राइवर व 13 कंडक्टर निलंबित होने के कारण करीब 20 से अधिक बसों को रूट पर नहीं चलाया जा सका।

सशर्त मिली थी कर्मचारियों को जमानत
बुधवार को हड़ताल के समय एस्मा एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों को सशर्त जमानत दी थी। जिसमें यह शर्त रखी थी कि कर्मचारी दोबारा से हड़ताल में हिस्सा नहीं लेंगे। एस्मा एक्ट का पालन करेंगे। सशर्त जमानत के कारण कर्मचारी वीरवार को हड़ताल से दूर रहे।

रोडवेज को 5 लाख का नुकसान
एक दिन की हड़ताल से रोडवेज को करीब 5 लाख रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। हड़ताल के कारण 226 में से करीब 85 बसों के संचालन के कारण रोडवेज को राजस्व का नुकसान हुआ। निजी बस आपरेटर की बसों को राजस्व में फायदा हुआ।
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मुख्यालय के आदेश पर गिरफ्तार किए गए रोडवेज कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। इस कारण इन कर्मचारियों की वीरवार को हाजिरी नहीं लगाई। मुख्यालय के आगामी निर्देशों के बाद ही कर्मचारियों को ड्यूटी पर लिया जाएगा।
- जितेंद्र यादव, वर्क्स मैनेजर, हिसार डिपो
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