अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति धरने की जगह को लेकर बुधवार को फैसला लेगी। हवा सिंह सांगवान गुट के सदस्यों ने इस बारे में भगाना में पंचायत बुलाई है। पंचायत की सहमति से जगह मिलेगी तो गांव में धरना दिया जाएगा।
मंगलवार को दूसरे दिन भी कमांडेंट हवा सिंह सांगवान गुट धरने की जगह नहीं ले सका। समिति सदस्य करीब 11 बजे भगाना में पहुंचे थे। कमांडेंट हवा सिंह सांगवान पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें धरना देने से रोक दिया। कुछ महिला सदस्य भी सरसों के खेत तक पहुंचीं तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस ने कहा कि बिना अनुमति किसी तरह धरना नहीं देने दिया जाएगा। इसके बाद समिति के सदस्य गांव भगाना के बस अड्डे के पास पहुंच गए।
समिति के सदस्य दिनभर गांव के लोगों को मनाते रहे। इसके बाद भी गांव के लोग जमीन देने को तैयार नहीं हुए। जो लोग धरना देने के लिए पहुंचे थे, दोपहर को एसडीएम परमजीत समिति के सदस्यों के पास पहुंचे। एसडीएम ने कहा कि धरना देने का कोई औचित्य नहीं। इस पर दलजीत पंघाल ने कहा कि हमारी सीएम से एक सप्ताह में मुलाकात करा दो। हमारी मांगों को पूरा कराया जाए। शाम चार बजे कुछ लोगों ने गांव के बस अड्डे पर ही दरी बिछाकर धरना शुरू किया। एक घंटे तक नारेबाजी कर विरोध जताने के बाद वापस चले गए।
एसडीएम-डीएसपी समेत पुलिस रही तैनात
धरना रोकने के लिए एसडीएम परमजीत चहल, डीडीपीओ अश्वीर नैन, तहसीलदार विनय कुमार, डीएसपी सिद्धार्थ ढांडा, सीआईए इंचार्ज कप्तान सिंह सहित अन्य अधिकारी तैनात थे।
40 पुलिसकर्मी मय्यड़ रेलवे स्टेशन के पास रहे तैनात
सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की तीन गाड़ियां तैनात की गई थीं। इनमें करीब 40 पुलिसकर्मियों को मय्यड़ रेलवे स्टेशन के पास लगाया गया था। यहां पुलिस ने नाका लगाया था। वाहनों की जांच के बाद ही आगे जाने दिया जा रहा था।
सरसों के खेत के पास बेरिकेडिंग
पुलिस ने सोमवार को कुछ देर के लिए धरना दिए गए सरसों के खेत के पास बेरिकेडिंग की थी। दोनों ओर नाके लगाए। इसमें दोनों नाकों पर पुलिस बल तैनात किया गया। महिला पुलिस भी मौके पर तैनात की गई थी। पुलिस अपने साथ वाटर कैनन, आंसू गैस के गोले लेकर पहुंची थी।
हमें अभी धरने की जगह नहीं मिल सकी। बुधवार को गांव भगाना में पंचायत करेंगे। इसके बाद धरना शुरू कर दिया जाएगा। प्रशासन की ओर से लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है। जनता इसका जवाब देगी।
-दलजीत पंघाल, जिला प्रधान जाट आरक्षण संघर्ष समिति