अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
ठीक 695 दिन बाद डॉ. कमल गुप्ता पूर्व सीपीएस हो गए। मंगलवार को प्रदेश के सीएम मनोहर लाल को इस्तीफा सौंपने के साथ पूर्व सीपीएस बन गए हैं। पांच जुलाई को पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने सीपीएस की नियुक्ति रद्द कर दी थी।
23 जुलाई 2015 को प्रदेश की भाजपा सरकार में डॉ. कमल गुप्ता को सीपीएस बनाकर हिसार को पॉलिटिकल पावर दी गई थी। पहले करीब डेढ़ साल तक डॉ. गुप्ता को स्वास्थ्य विभाग में जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बतौर सीपीएस उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के साथ काम किया। करीब दो महीने पहले डॉ. कमल गुप्ता को सीएम ने बिजली निगम की जिम्मेदारी दी थी। पांच जुलाई को पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने चारों सीपीएस की नियुक्त रद्द कर दी थी। सरकार के अनुरोध पर अदालत ने तीन सप्ताह तक इस आदेश से छूट दी थी। मंगलवार को चंडीगढ़ में हुई प्रदेश की अनौपचारिक कैबिनेट में फैसला लिया गया कि सरकार इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएगी। हाईकोर्ट के फैसले को लागू किया जाएगा। इसके बाद डॉ. कमल गुप्ता ने मंगलवार शाम को इस्तीफा सौंप दिया। डॉ. गुप्ता 1996 और 2000 में भाजपा की टिकट पर हिसार विधानसभा से चुनाव में हार गए थे। 2014 के हिसार विधानसभा चुनाव में पीएम मोदी ने शहर में उनके लिए रैली की थी। वे 2014 में पहली बार विधायक बनकर चंडीगढ़ पहुंचे थे।
विकास में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी : गुप्ता
हमने तो पांच जुलाई को ही इस्तीफा देने की मंशा जाहिर कर दी थी। पार्टी की ओर से कहा गया कि संगठन की ओर से फैसला लिया जाएगा। मंगलवार को सीएम ने फैसला लिया कि हम सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएंगे, जिसके बाद मैंने इस्तीफा सौंप दिया। हिसार के विकास कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। अपने विधानसभा एरिया के सभी कामों को लेकर लगातार सक्रिय रहेंगे।
-डॉ. कमल गुप्ता, पूर्व सीपीएस हरियाणा
अन्य सुविधाएं भी लौटाईं
डॉ. कमल गुप्ता ने मंगलवार को ही चंडीगढ़ में अपनी सीपीएस की कोठी खाली कर दी। चंडीगढ़ से हिसार लौटते ही देर रात को सरकारी गाड़ी, पुलिस सिक्योरिटी को भी लौटा दिया। सरकार की ओर से मिली अन्य सुविधाएं भी छोड़ दीं। बतौर सीपीएस डॉ. गुप्ता के पास सरकारी गाड़ी, पुलिस सुरक्षा, चंडीगढ़ में आवास सुविधा थी। अगले माह से डॉ. गुप्ता को सीपीएस की बजाय विधायक वाले वेतन भत्ते ही मिलेंगे।
- मंगलवार को ही चंडीगढ़ की कोठी की खाली
- हिसार पहुंचते ही रात को गाड़ी, सुरक्षा भी लौटाई