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वकील ने किया हंगामा, डीएसपी ने दिखाई लिस्ट - फोटो - 03

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार। जिस समय जेल परिसर के अंदर बनी स्पेशल कोर्ट में फैसले की कार्रवाई चल रही थी तो उस समय करीब 12 बजे सुप्रीम कोर्ट के वकील एपी सिंह अपनी कार से आए और जेल परिसर की ओर जाने लगे। सुरक्षा के तैनात पुलिस ने उन्हें वहीं गेट पर रोक लिया। उनसे अंदर जाने की परमिशन दिखाने को कहा तो वह नहीं दिखा पाए। इस पर उन्होंने हंगामा कर दिया कि वे रामपाल के वकील हैं और उन्हें अंदर जाने से रोका जा रहा है। इस पर डीएसपी जज द्वारा तय किए गए पैनल की लिस्ट लेकर आए और कहा कि आपका नाम पैनल में नहीं है, इसलिए अंदर नहीं जा सकते। इसके बाद वकील शांत हुए और मीडिया से बातचीत करने लगे। उल्लेखनीय है कि एपी सिंह निर्भया कांड में आरोपियों की पैरवी करने वाले वकील हैं। रामपाल के केस की पैरवी करने वाले वकीलों में भी उनका नाम शामिल नहीं पाया गया।

जेल के बाहर रही गहमा-गहमी
सेंट्रल जेल के बाहर दिनभर गहमा-गहमी का माहौल रहा। हालांकि यह गहमा-गहमी आमजन की बजाय पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों, वकीलों, जेल कर्मचारियों के अलावा मीडिया कर्मियों की थी और आमजन यहां नहीं था। आमतौर पर यह रास्ता खाली नहीं रहता है। इसी रास्ते पर जेल के अलावा रेडक्रॉस भवन तथा कई प्राइवेट अस्पताल हैं। इनके चलते यहां आम लोगों का आवागमन काफी होता है, लेकिन वीरवार को यह रास्ता पूरी तरह पुलिस के कब्जे में था। हालांकि कुछ लोगों ने अनजाने में इस रास्ते से जाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें पुलिस ने रोक दिया।
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पार्कों में छाया में बैठे नजर आए पुलिस कर्मी
वीरवार को गर्मी के चलते पुलिस कर्मियों ने आसपास के पार्कों की शरण ली। गर्मी से बचने के लिए वे पार्कों में खड़े पेड़-पौधों की छाया में बैठे आराम फरमाते नजर आए। महिला पुलिस कर्मचारी भी पार्क में छाया में बैठी नजर आईं। दूसरी तरफ सुबह से ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों का भूख-प्यास से भी बुरा हाल था। विभाग की तरफ फल-फ्रूट की गाड़ी भेजी गई, जिसमें रखे केले पुलिस कर्मचारियों में बांटे गए।
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आमजन को नहीं हुई परेशानी
शहर में डाबड़ा चौक जेल के समीप के अलावा आमजन को कोई खास परेशानी नहीं उठानी पड़ी। यहां भी आवागमन आम दिनों की तरह सामान्य रहा। केवल एक तरफ का पुल चालू रहने से पुलिस को भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में दिक्कतें नहीं उठानी पड़ीं। इसके अलावा शहर में भी चौक-चौराहों पर ट्रैफिक सामान्य रूप से चलता रहा। जिस समय रामपाल को सेंट्रल जेल नंबर-2 से एक में लाया व ले जाया गया केवल उस समय के लिए रास्ते के ट्रैफिक को रोका गया। इसमें राजगढ़ रोड से होते हुए लघु सचिवालय, आईजी चौक, मटका चौक, कैंप चौक होते हुए जेल नंबर 1 तक के रास्ते को सुरक्षा की दृष्टि से कुछ देर ही रोका गया, जिससे आवागमन पर कोई खास असर नहीं पड़ा।
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