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हाईकोर्ट का चुनाव आयोग को आदेश, मतदाता सूची की शिकायत का तुरंत निवारण करो

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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। पूर्व पार्षद शालू दीवान और वार्ड नंबर 18 के पूर्व प्रत्याशी प्रवीण ढांडा की ओर से लगाई गई याचिका पर हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को नगर निगम के वार्डों की मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों को तुरंत निवारण करने के आदेश दिए हैं। मंगलवार को हाईकोर्ट में हुई दूसरी सुनवाई में ही न्यायाधीश महेश ग्रोवर और महाबीर सिंह सिंधु की बेंच ने शिकायतकर्ताओं की शिकायत को डिस्पॉज-आफ कर चुनाव आयोग को आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि राज्य चुनाव आयोग द्वारा पहले ही शिकायतकर्ता के पास शिकायत को तथ्यों सहित उपायुक्त के समक्ष रखने का पत्र जारी हुआ है। कुल मिलाकर अब यदि अक्तूबर में निगम चुनाव प्रदेश सरकार करवाती है तो अधिकारियों को इसी महीने मतदाता सूची की विसंगतियों को ठीक करना होगा, अन्यथा चुनावों में देरी होगी।

यह है पूरा मामला
दरअसल, नगर निगम की ओर से वार्डबंदी और मतदाता सूची फाइनल की गई। मतदाता सूची देखने के बाद नगर निगम के वार्ड नंबर 3 की पूर्व पार्षद शालू दीवान ने अपने वार्ड में जनसंख्या के मुकाबले मतदाता ज्यादा होने की शिकायत रखी। उनका कहना था कि उनके वार्ड में सबसे अधिक 16782 मतदाता दर्शाए गए हैं जबकि पिछली बार 15 हजार से भी कम मतदाता थे। इसके अलावा वार्ड नंबर 18 से पूर्व प्रत्याशी रहे प्रवीण ढांडा ने भी अपने वार्ड के वोटों में हेरोफेरी के आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि वार्ड में 600 से अधिक वोट इधर-उधर किए गए हैं। नगर निगम अधिकारियों के समक्ष भी शिकायत की गई लेकिन वहां से दोनों शिकायतकर्ताओं को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
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29 अगस्त को मिली थी 4 सितंबर की तारीख
शालू दीवान और प्रवीण ढांडा द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के बाद सुनवाई के लिए 4 सितंबर का दिन निर्धारित किया गया था। शिकायतकर्ता से लेकर निगम अधिकारियों और दूसरे वार्डों से भी चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों को हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार था। अब आदेश आने से निगम अधिकारियों की परेशानी बढ़ सकती है।

- मैंने और पूर्व पार्षद शालू दीवान ने हाईकोर्ट में नगर निगम की मतदाता सूची के खिलाफ याचिका दायर की थी। अधिकारियों ने हमारी कोई सुनवाई नहीं की। अब हाईकोर्ट ने स्वागत योग्य फैसला लेते हुए चुनाव आयोग को हमारी शिकायतों पर संज्ञान लेने का आदेश जारी किया है। हम तथ्यों सहित अपनी बात रखेंगे।
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- प्रवीण ढांडा, निवासी, वार्ड नंबर 18

- हाईकोर्ट में हमने हमारा पक्ष रखा। हाईकोर्ट की बेंच ने शिकायत को डिस्पॉज-आफ करते हुए संबंधित अथॉरिटी को शिकायतकर्ता की शिकायत सुनने के निर्देश दिए हैं। आर्डर कॉपी हमारे पास आ चुकी है।
- राजेश खंडेलवाल, अधिवक्ता, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
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