अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने नगर निगम के कमिश्नर को सात दिन में शहर में लगे 84 कैमरों को ठीक करवाने के आदेश दिए हैं। नगर निगम प्रशासन द्वारा पार्षद के माध्यम से लगाए गए कैमरों को तो मात्र दो दिन में ठीक करने को कहा गया है। इसके अलावा सांसद दुष्यंत चौटाला की सांसद निधि से लगे 41 कैमरों को ठीक करवाने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। एक साथ 84 कैमरों के हालात सुधरने के बाद निश्चित तौर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। डीसी ने भविष्य में सभी सीसीटीवी की देखरेख का जिम्मा भी निगम प्रशासन को ही दिया है।
उपायुक्त मंगलवार को निगम अधिकारियों और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ शहर में सीसीटीवी लगवाने को लेकर बैठक कर रहे थे। बैठक में निगम कमिश्नर अशोक बंसल से उपायुक्त ने विस्तृत रिपोर्ट ली।
20 नई लोकेशन ढूंढेगा निगम
इन 84 कैमरों के अलावा नगर निगम शहर में सीसीटीवी लगवाने के लिए 20 नई लोकेशन भी ढूंढेगा। इन नई लोकेशन पर सीसीटीवी लगाने के लिए कंपनियों, फर्मों व सामाजिक संगठनों की मदद ली जाएगी। कंपनियां सीएसआर के तहत भी सीसीटीवी लगवा सकेंगी। अधिकारियों की मानें तो कुछ संगठनों ने सीसीटीवी लगवाने के लिए हामी भी भरी है। इस संबंध में निगम अधिकारी इच्छुक संगठनों के साथ तालमेल करेंगे।
17 कैमरों को ठीक करवाने के लिए निगम बनवा चुका अस्टिमेट
नगर निगम की ओर से 2014 में वार्ड नंबर 3 की पार्षद शालू दीवान के जरिये सीसीटीवी लगवाए गए। उस दौरान आदमपुर के विधायक कुलदीप बिश्नोई द्वारा भी तीन कैमरे लगवाए गए। कुल 46 कैमरों को 11 स्थानों पर लगाया गया। मगर अब ली गई रिपोर्ट के अनुसार 29 ही ठीक काम कर रहे हैं जबकि 17 कैमरे खराब हो चुके हैं। इन कैमरों को ठीक करवाने के लिए निगम प्रशासन अस्टिमेट बनवा चुका है।
सांसद निधि से लगे कैमरों के भी नहीं हुए सही लाइट कनेक्शन
इसके अलावा 2017 में सांसद दुष्यंत चौटाला के कोटे से लगाए गए कैमरों की भी स्थिति बेहतर नहीं है। इन कैमरों को लगाने का जिम्मा पीडब्लयूडी की इलेक्ट्रिकल डिविजन को सौंपा गया था। मगर आनन-फानन में कैमरे लगाकर उन्हें स्ट्रीट लाइटों से जोड़ दिया गया। मगर अब यह लाइट कनेक्शन ठीक काम नहीं कर रहे हैं। उनकी भी दोबारा मेंटेनेंस की जरूरत है।