अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
नौंवी कक्षा की दो छात्राओं को परिजनों ने पढ़ाई के लिए डांटा तो सोमवार सुबह वे घर से निकल गई। किशोरियों के गायब होने का पता लगने पर परिजनों के हाथ-पांव फूल गए और उनकी तलाश करते रहे। पुलिस ने रात दो बजे परिजनों को फोन कर बताया कि उनकी बेटी सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में हैं। फिर परिजन अस्पताल में पहुंचे और पुलिस ने दोनों को परिजनों को सौंप दिया।
बताया जाता है कि नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली शहर की एक छात्रा को परिजनों ने सोमवार को डांट दिया था। परिजनों ने कहा कि वह ट्यूशन पर नहीं जाती और जब देखो सहेली के यहां रहती है। यह बात छात्रा को बहुत बुरी लगी। इसके अलावा दूसरी छात्रा को भी परिजनों ने पढ़ाई को लेकर डांट दिया था। वे दोनों सोमवार सुबह अपने-अपने घर से निकल गई। वे टाउन पार्क में पहुंच गई। शाम होने के बाद वे ऑटो रिक्शा में बस स्टैंड पर पहुंच गई। इसके बाद वे देर रात सिविल अस्पताल के मेन गेट पर पहुंच गई।
कुछ पूछा तो दोनों रोने लगी
वे दोनों एटीएम के बाहर बैठी थी। तभी वहां पर एक आदमी आया। उसने उनसे वहां बैठने के बारे में पूछा तो दोनों रोने लगी। यह देेखकर वह आदमी अस्पताल की इमरजेंसी में गया और डॉ. अमित कुमार को मामले से अवगत कराया। फिर स्टाफ सदस्य बाहर आए और दोनों छात्राओं को अस्पताल में ले गए।
फोन कर कंट्रोल रूम में दी सूचना
डॉ. अमित कुमार ने रात दो बजे पुलिस के कंट्रोल रूम में फोन कर मामले की सूचना दी। कंट्रोल रूम ने कोर्ट कॉम्प्लेक्स चौकी को अवगत करवाया। वहां पहले ही दो किशोरियों के गायब होने की शिकायत आई थी। पुलिस कर्मी सूचना मिलने पर अस्पताल में पहुंचे और किशोरियों के परिजनों को फोन कर जानकारी दी। परिजन कुछ देर बाद अस्पताल में पहुंच गए। बाद में पुलिस की मौजूदगी में किशोरियों को घर ले जाया गया। चौकी इंचार्ज शिवकुमार का कहना है कि किशोरियों को परिजनों के हवाले कर दिया है।
पढ़ाई के लिए डांटा तो नौवीं की दो छात्राएं घर से निकली
दोनों सिविल अस्पताल में आधी रात पहुंची तो डॉ. अमित ने बुलाई पुलिस, पुलिस ने परिजनों को सौंपी