अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
न्यू महाबीर कॉलोनी निवासी 58 वर्षीय पुष्पा देवी को लावारिस पशु ने पेट में टक्कर मार दी। महिला को सिर, मुंह, हाथ सहित कई गंभीर चोटें आने पर निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। घायल महिला के बेटे इस हादसे के लिए नगर निगम, जिला प्रशासन और विधायक डॉ. कमल गुप्ता के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है। शुभम ने कहा कि इन सभी लोगों के खिलाफ एफआईआर नहीं हुई तो सीएम विंडो पर भी शिकायत देंगे।
न्यू महाबीर कॉलोनी निवासी 58 वर्षीय पुष्पा देवी शुक्रवार की सुबह करीब 10.45 अपने पोते को खाना देने के लिए न्यू शारदा कान्वेंट स्कूल जा रही थी। रास्ते में आ रही कुछ लावारिस गाय में से एक ने पुष्पा देवी के पेट में टक्कर मार दी। महिला के गिरने के बाद भी गाय ने उसे दो-तीन टक्कर और मारी। महिला पुष्पा देवी को सिर, हाथ, पैर, मुंह, छाती, गले में चोटें आई हैं। इसके बाद परिजन महिला को निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर महिला को अस्पताल के आईसीयू में रखा गया है।
घायल महिला का बेटा अड़ा रहा तो पुलिस ने लिखी शिकायत
घायल महिला के बेटे शुुुभम ने पुलिस को दिए बयान में इस हादसे के लिए नगर निगम, जिला प्रशासन और विधायक डॉ. कमल गुप्ता को जिम्मेदार बताते हुए उन पर कार्रवाई की मांग की है। शुभम ने कहा कि पहले तो पुलिसकर्मी उसकी शिकायत लिखने को तैयार नहीं था। शिकायत लिखने आए पुलिसकर्मी ने कहा कि विधायक कमल गुप्ता की गाय थोडे़ ही थी, जो उस पर एफआईआर कराना चाहते हो। अब शुभम अड़ा रहा तो पुलिसकर्मी ने कहा कि इससे कुछ नहीं होने वाला देख लेना। शुभम ने बताया कि पुलिस ने अभी उसे शिकायत की प्रति नहीं दी। शनिवार को शिकायत की प्रति देने की बात कही है।
हिसार 26 अक्तूबर को हो गया था कैटल फ्री घोषित
प्रदेश के सीएम मनोहर लाल ने 15 अगस्त 2017 को पूरे प्रदेश को कैटल फ्री करने का एलान किया था। जिला प्रशासन ने 26 अक्तूबर को हिसार को कैटल फ्री घोषित कर दिया। हकीकत यह है कि जिले में सड़कों पर सैकड़ों नहीं हजारों की संख्या में पशु घूम रहे हैं।
कैटल फ्री घोषित करने के बाद लावारिस पशुओं से गई जानें
-26 अक्तूबर को साउथ बाईपास पर कार सवार युवक मौत
-26 नवंबर को चंदन नगर के पास बाइक सवार की मौत
-11 दिसंबर को बरवाला में अलग-अलग हादसों में दो की मौत
-19 दिसंबर को किरोड़ी गांव में महिला की मौत
विधानसभा चुनाव में बना था मुद्दा
वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में लावारिस पशु मुद्दा बनाए गए थे। सीएम बनकर पहली बार हिसार पहुंचे मनोहर लाल ने 29 दिसंबर 2014 को हिसार में गो अभयारण्य बनाने का एलान किया था। 2017 में इस अभयारण्य का एक हिस्सा बनकर तैयार हुआ। इसमें अब तक केवल 200 पशु ही भेजे गए हैं।
साढे़ तीन साल में 18 की मौतें
पिछले करीब साढे़ तीन साल में बेसहारा पशुओं से जिले में 18 लोगों की मौतें हो चुकी है। करीब 40 से अधिक लोग अस्पताल पहुंच चुके हैं। सबसे पहली मौत सूर्य नगर फाटक के पास 2014 में महेंद्र नामक युवक की हुई थी। वर्ष 2015 में रामपुरा मोहल्ला में महिला की लावारिस पशु की टक्कर से मौत के बाद उसके परिजनों ने निगम और विधायक के खिलाफ शिकायत दी थी। इसमें बाद में परिजनों ने शिकायत वापस ले ली थी।
एक्सपर्ट व्यू....केस बनता है : खोवाल
लावारिस पशु के लिए नगर निगम, जिला प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है। इनके खिलाफ केस दर्ज हो सकता है। विधायक के खिलाफ केस नहीं बनता।
-लाल बहादुर खोवाल, सीनियर एडवोकेट हिसार
अमर उजाला टीम ने रात को किया मुआयना
अमर उजाला टीम ने शुक्रवार रात करीब 11 बजे शहर की सड़कों का मुआयना किया। टीम ने कैंप चौक तक करीब तीन किलोमीटर एरिया में 10 जगह लावारिस पशु खड़े मिले। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हिसार शहर सिर्फ कागजों में ही कैटल फ्री है।