अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
शहर की सड़कों में बने गड्ढों को भरने को लेकर प्रशासन की ओर से अपनाई जा रही टरकाऊ नीति को देखते हुए सांसद दुष्यंत चौटाला ने नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, हुडा के अधिकारियों से जवाब मांगा है। 23 अक्तूबर को लघु सचिवालय में 11 बजे होने वाली दिशा की बैठक में अधिकारियों को इसका जवाब देना होगा।
दुष्यंत चौटाला ने पीडब्ल्यूडी, हुडा, नगर निगम के अधिकारियों को दिशा की बैठक में आने के निर्देश दिए हैं। सांसद ने इस मुद्दे पर अधिकारियों को आमने-सामने करने के लिए ऑल सेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन को भी आमंत्रित किया है। इससे वास्तविक स्थिति मौके पर ही स्पष्ट हो सके। सेक्टरों में सड़कों की हालत एक ओर जहां बदतर स्थिति में पहुंच चुकी है। कॉलोनियों की सड़कों में गड्ढों को अभी तक नहीं भरा गया है। सेक्टरों की सड़कों के रखरखाव की जिम्मेवारी हुडा की है। शहर की कालोनियों में सड़कों की जिम्मेवारी निगम और पीडब्ल्यूडी की है। आला अधिकारी सड़कें दुरुस्त करने की डेडलाइन भी तय कर चुके हैं। शहर की सड़कों के निर्माण के लिए आरडब्ल्यूए अपने स्तर पर आंदोलन भी चला चुकी है। कई बार इसके लिए धरने-प्रदर्शन भी किए गए हैं। पिछले सप्ताह से कुछ एरिया में पेचवर्क का काम शुरू कराया गया है। इसमें सेक्टर-15, सेक्टर-13, पीएलए, ओल्ड कोर्ट कांप्लेक्स, अर्बन इस्टेट वन में काम शुरू कराए गए हैं।
विभागों से अपडेट रिपोर्ट मांगी
दिशा कमेटी की बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार गारंटी योजना, मिड-डे-मील, नेशनल हेल्थ मिशन, पीएनडीटी, नेशनल हाईवे, सर्व शिक्षा अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री बीमा योजना, जन-धन खाता योजना, मुद्रा योजना, दूरसंचार सहित केंद्र, प्रदेश की सभी प्रमुख योजनाओं का रिव्यू किया जाएगा। सभी विभागों से उनकी अपडेट रिपोर्ट मांगी गई है।
पहले कांग्रेस के शासनकाल में नगर की सड़कों में कोई सुधार नहीं किया। पिछले तीन वर्षों के शासनकाल में हिसार में सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए कुछ नहीं हुआ। सड़कों के गड्ढे नहीं भरवाए तो कांग्रेस-भाजपा के गड्ढों को भरने का काम मैं खुद करूंगा।
-दुष्यंत चौटाला, सांसद हिसार
2015 की तुलना में सुधरा लिंग अनुपात
जिला प्रशासन की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार जिले में लिंग अनुपात का औसत 911 है। इस साल जनवरी में 917 था। फरवरी में 918, मार्च में 972, अप्रैल में 843, मई में 902, जून में 926, जुलाई में 906, अगस्त में 926, सितंबर में 886 लिंग अनुपात दर्ज किया गया। बीते वर्ष का औसत लिंग अनुपात 913 था। वर्ष 2015 में जिले का औसत लिंग अनुपात 886 था।