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घिराय-खरकड़ी के बीच टूटी बालसमन्द सब ब्रांच

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
घिराय गांव के पास से होकर गुजरने वाली बालसमंद सब ब्रांच नहर वीरवार सुबह नौ बजे अचानक से सुलखनी गांव की तरफ टूट गई। नहर टूटने से 100 फीट चौड़ी दरार पड़ गई। इस कारण खरकड़ी गांव की 600 एकड़ धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।
इस दौरान सूचना मिलते ही मौके पर आए नहर विभाग के अधिकारियों के साथ जेई टूटी हुई जगह की मिट्टी खिसकने से नहर में जा गिरा। नहर विभाग ने किसानों पर जेई को नहर में धक्का देने का आरोप लगाया है। करीब नौ बजे घिराय और खरकड़ी गांव के बीच में सुलखनी गांव की तरफ बुर्जी नंबर 20 हजार पर नहर में अचानक रिसाव हो गया। देखते ही देखते नहर में दरार पड़ गई। खरकड़ी गांव के किसान पप्पू बूरा ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नहर के टूटने की सूचना दी। सूचना मिलते ही नहर विभाग हिसार प्रथम के एसडीओ यशपाल श्योराण, जेई सुनील कुमार अपनी टीम के साथ नहर पर मौके पर पहुंचे। राजली हेड से पानी को बंद करवाया। नहर की दरार बंद नहीं हो सकी, नहर टूटने की वजह से से खरकड़ी-घिराय के किसानों की धान की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई। करीब 600 एकड़ धान की फसल खराब हो गई। किसानों ने जिला प्रशासन के साथ ही वहां आए विभाग के अधिकारियों से नहर के पानी की वजह से हुए नुकसान का मुआवजा मांगा। महकमे के एसडीओ यशपाल श्योराण ने किसानों को भरोसा दिलाया कि आपकी मांग को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। किसानों ने पहले भी नहर टूटने से नुकसान हुआ था। उसका मुआवजा भी आज तक नहीं मिला। किसानों ने नहर की दीवार को दुरुस्त नहीं करने दिया। किसान नहर टूटने के बारे में शुक्रवार को पंचायत कर फैसला लेंगे।
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अमर उजाला ने नहर टूटने की जताई थी आशंका
अमर उजाला ने 12 सितंबर के अंक में इस बारे में आशंका जताई थी। इसमें नहर टूटने को लेकर आशंका जाहिर की थी। कुछ दिनों पहले नहर में रिसाव हुआ था। इसके अलावा पिछले साल भी नहर टूट चुकी है।
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