फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जीजेयू.....11

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूूरो
विज्ञापन

हिसार। ए ग्रेड यूनिवर्सिटी का दंभ भरने वाली जीजेयू की सुरक्षा व्यवस्था दोयम दर्जे की है। यह हम नहीं कह रहे यूनिवर्सिटी परिसर में होने वाली घटनाएं इसको साबित कर रही हैं। यूनिवर्सिटी में आए दिन मारपीट और हमले की घटनाएं हो रही हैं। अव्यवस्थाओं लेकर धरना प्रदर्शन भी आम बात हो गई है। मंगलवार रात को किए गए हमले से एक बार फिर से जीजेयू की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जीजेयू में करीब चार हजार छात्र-छात्राएं हैं। वहीं लड़कों के चार और लड़कियां के भी इतने हॉस्टल हैं। इन सबकी सुरक्षा के लिए 157 सिक्योरिटी गार्ड तैनात हैं। अधिकांश गार्ड वीआईपी की सुरक्षा में तैनात हैं। मुख्य गेट पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड आने-जाने वालों की जांच ही नहीं करते। नतीजतन आउटसाडर बेझिझक रॉड और लाठियां लेकर घुस जाते हैं। बाद में वारदात को अंजाम देकर वापिस चले जाते हैं। जीजेयू प्रशासन हर बार सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की बात कहता है, लेकिन कुछ दिन ठीक चलता है। बाद में पुराने ढर्रे पर व्यवस्था लौट आती है। जीजेयू में पुलिस चौकी भी है। एम महिला कांस्टेबल सहित कुल चार पुलिस के जवान हैं। जो मारपीट रोकने में नाकाम रहते हैं।
विज्ञापन

छात्र के सिर में छह टांके आए
जीजेयू के ब्वॉयज हॉस्टल-1 में मंगलवार रात को लगभग 11 बजे छह-सात बाहरी लड़कों ने इलेक्ट्रॉनिक तृतीय वर्ष के विद्यार्थी निखिल पर लोहे की रॉड व लाठियां से हमला कर घायल कर दिया। निखिल को सिर में छह टांके आए हैं। वहीं हाथ व पांव में गहरी चोट लगी हुई है।
सात पर केस दर्ज
निखिल द्वारा दी गई शिकायत में जीजेयू पुलिस चौकी में जीजेयू से पासआउट व पिछली बार हमले में घायल छात्र अरविंद ढांडा व आईटी तृतीय वर्ष के छात्र उदित सहित नौ लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
जूनियर छात्रा को लेकर दो गुटों में हो चुका है झगड़ा
8 मार्च को सुबह 11 बजे ब्वॉयज हॉस्टल-3 से दूसरे गुट के युवक इक्टठे होकर बीएच-1 में जा घुसे थे। बताया गया था कि हमलावर कंबल में लाठियां व रॉड छिपाकर लाए थे। उस समय वे कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थी मनीष व मेकेनिकल पासआउट विकास गिल पर हमले के इरादे से गये थे। लेकिन पहले से ही घात लगाए बैठे बीएच-1 के विद्यार्थियों ने उन्हीं के ठंडे छीनकर उन्हीं को पीट दिया। तब पासआउट छात्र अरविंद ढांडा, कंप्यूटर साइंस फर्स्ट ईयर के विद्यार्थी पारस व आउटसाइडर रामभज के सिर में चोट आई थीं।
2012 में दो छात्राओं की की गई थी हत्या
वर्ष 2012 में जीजेयू में दो छात्राओं की तेजधार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी थी। अगस्त 2012 में बी फार्मा प्रथम वर्ष की छात्रा वर्षा यादव की हत्या कर दी थी। उसके तीन महिने बाद 26 नवंबर को बीटेक छात्रा गीतिका की हत्या कर दी थी। एक वारदात में चाकू और दूसरी में कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया गया था। प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी सिक्योरिटी सवालों के घेरे में रही है। इसके बाद सिक्योरिटी को लेकर लाखों खर्च किए गए। सीसीटीवी लगवाए गए मगर हालात ज्यों के त्यों बने हुए है। छोटे-मोटे झगड़े यहां आम बात हैं। हैरानी की बात है कि हर झगड़े में बाहरी जरूर शामिल होते हैं।
विज्ञापन

इनका झगड़ा पहले से चल रहा है। सिक्योरिटी गार्ड को बदल दिया गया। बुधवार शाम को खुद गेट पर जाकर जांच की है। सिक्योरिटी को हिदायत दी गई है कि गेट से आने जाने वाले की जांच की जाए। यूनिवर्सिटी में कैमरे के लिए ऑर्डर कर रखा है। कुछ दिन में पूरी यूनिवर्सिटी में कैमरे लग जाएंगे। इससे हर घटना पर नजर रखी जाएगी। इस घटना में यूनिवर्सिटी का कोई छात्र शामिल पाया गया तो उसे बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
- अनिल कुमार पुंडीर, रजिस्ट्रार जीजेयू

ए ग्रेड यूनिवर्सिटी का दंभ भरने वाले विश्वविद्यालय में आए दिन हो रही हैं घटनाएं
छात्र पर हमला करने का मामला
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें