अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
पोलिया उन्मूलन अभियान में आशा वर्करों की हड़ताल प्रशासन के लिए चुनौती बनी है। स्वास्थ्य विभाग ने आशा वर्करों की हड़ताल के बाद अब आंगनबाड़ी वर्करों की फील्ड में ड्यूटी लगाई हैं। ये जिले के 0 से 5 साल के 2 लाख 17 हजार 871 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाएंगे। जिलेभर में 1 हजार 177 आंगनबाड़ी वर्कर पोलियो रोधी दवा पिलाने के लिए फील्ड में उतरेंगी। इसमें से 1097 आंगनबाड़ी वर्कर ग्रामीण एरिया में और 80 आंगनबाड़ी वर्कर शहरी एरिया से होंगी।
आशा वर्कर्स यूनियन ने फूंका सीएम का पुतला
आशा वर्कर्स यूनियन ने मांगों को लेकर सीएम मनोहर लाल का पुतला फूंका। यूनियन की सदस्य नागरिक अस्पताल में एकत्रित हुईं। वहां से पैदल मार्च करते हुए नागोरी गेट तक पहुंचीं और सीएम का पुतला फूंका। उन्होंने एलान किया कि वे पोलिया उन्मूलन कार्यक्रम में भाग नहीं लेंगी। जिले में ही नहीं पूरे हरियाणा में कोई भी आशा वर्कर इसमें हिस्सा नहीं लेंगी।
जब तक सभी बच्चों को न पिला दें दवा, चलता रहेगा अभियान
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आशा वर्कर्स का विकल्प के रूप में उन्होंने आंगनबाड़ी वर्कर को लिया है। आशा वर्कर की संख्या के अनुरूप ही आंगनबाड़ी वर्कर की संख्या है। उन्होंने महिला एवं बाल विभाग से संपर्क किया है। जिलेभर में इनकी एक हजार से अधिक संख्या है। इसके चलते यह अभियान 28 से 31 जनवरी या इससे भी आगे तक चलता रहेगा। जब तक जिले के 0 से 5 साल के बच्चे को दवा न पिला दे, अभियान जारी रहेगा। पोलिया अभियान के दौरान जिलेभर में 958 बूथ लगाए जाएंगे। सुबह 9 बजे से शाम पांच बजे तक इन बूथों पर पोलियो की दवा पिलाई जाएगी।
फैक्ट फाइल
- आशा वर्कर- 1350
- 0-5 साल के बच्चे- 217871
प्रदेश में कोई भी आशा वर्कर पोलियो उन्मूलन अभियान में शामिल नहीं होंगी। हमने अपनी मांगों को लेकर शनिवार को भी सीएम का पुतला फूंका है। अभी तक सरकार ने यूनियन से बातचीत तक की पहल नहीं की है।
-सुनीता भाटोल, जिला प्रधान आशा वर्कर्स यूनियन