हिसार। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से जिले के 197 गांवों में से करीब 120 गांवों में अंधेरा छाया है। इसके साथ ही पेयजल सप्लाई बाधित हो रही है। दो दिन से परेशान लोगों का सब्र अब टूटने लगा है। वीरवार रात करीब साढ़े 8 बजे बरवाला में बिजली घर के सामने लोगों ने रोड जाम कर दी। पुलिस ने समझा-बुझाकर पौने घंटे बाद जाम खुलवाया।
वहीं रात करीब नौ बजे शहर के आजाद नगर स्थित बिजलीघर का लोगों ने घेराव कर दिया। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो लोगों ने पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की। तोशाम रोड पर सेक्टर 16-17 स्थित पावर हाउस के बाहर भी लोगों ने दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद खुद चीफ इंजीनियर हरिदत्त खुद कर्मचारी को साथ लेकर पहुंचे तब जाकर सेक्टर की बिजली बहाल हो पाई।
हिसार सर्कल में 1610 में से 1608 अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसके चलते 33 केवी और 11 केवी के 28 सब स्टेशन से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। मॉडल टाउन क्षेत्र में बुधवार रात से गुल हुई बिजली वीरवार रात 12 बजे तक नहीं आई थी। बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरों और दुकानों में इनवर्टर बंद हो गए। कई क्षेत्रों में लोगों को रोशनी के लिए दीये और मोमबत्तियां जलानी पड़ीं।
हड़ताल के बीच हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के 291 में से 240 कर्मचारी भी काम से दूर रहे। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के मुख्यालय विद्युत सदन में अलग-अलग विंग के एसई, एक्सईएन और अन्य कर्मचारी गेट पर एकत्रित हुए। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। बिजली घरों पर सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कहीं-कहीं बिना फाल्ट के भी बिजली आपूर्ति काटी जा रही है।
कई गांवों में 24 घंटे बाद भी बिजली बहाल नहीं
अग्रोहा क्षेत्र के श्यामसुख, नंगथला, कुलेरी, किराड़ा और कनौह समेत कई गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। रायपुर, शिकारपुर, नियाणा, खोखा, मिर्जापुर और खरकड़ी में भी 24 घंटे बाद तक आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी। बिजली संकट से घरेलू कामकाज और पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई। राजली के 33 केवी से शाम 7 बजकर 5 मिनट पर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी।
डीएचबीवीएन के 94.38 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर
डीएचबीवीएन के अधीन 11 जिलों और हिसार स्थित विद्युत सदन की विभिन्न विंग में कुल 10,609 कर्मचारियों में से 10,013 हड़ताल में शामिल रहे। यह कुल संख्या का 94.38 प्रतिशत है। कई शाखाओं में शत-प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसके चलते बिजली आपूर्ति व्यवस्था संभालने में अधिकारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
इन 28 सब स्टेशनों पर आपूर्ति रही ठप
हिसार सर्कल में उमरा, आर्यनगर, सदलपुर, गोरखपुर, मोडाखेड़ा, भोजराज, सीसवाल और सेक्टर-27-28 के 33 केवी सब स्टेशन प्रभावित रहे। वहीं, ओल्ड टिब्बा, खेड़ी दौलतपुर, जींद रोड, हाईवे, भिवानी रोहिल्ला, मिलकपुर, खैरमपुर, दौलतपुर, आईटीआई फीडर, ढाणी गारन, सातरोड अर्बन, तुलसी विहार, बीड़, विराट नगर, महलसरा, आदमपुर, मंडी, जुगलान और एआईआर के 11 केवी सब स्टेशनों पर बिजली व्यवस्था पूरी तरह बाधित रही।
गुरुग्राम से मिल रहे 14 हजार करोड़ का राजस्व
बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त मोर्चा के नेता बलजीत बैनीवाल और जसवंत सिंह ने बताया कि डीएचबीवीएन का सालाना राजस्व करीब 27 हजार करोड़ रुपये है। इसमें अकेले गुरुग्राम जिले से 14 हजार करोड़ रुपये मिलते हैं। उन्होंने समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि निजीकरण से आम जनता को मिलने वाली सब्सिडी और रियायतों पर असर पड़ सकता है। नेताओं ने बताया कि शुक्रवार को अन्य कर्मचारी संगठनों और किसान यूनियनों के सदस्य बिजली कर्मचारियों के समर्थन में विद्युत सदन पहुंचेंगे।
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प्रदेश सरकार की तानाशाही के विरोध में बिजली कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर गए हैं। डीएचबीवीएन में 94 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर रहे। सरकार जब तक समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने का फैसला वापस नहीं लेगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। - रविंद्र घणघस, प्रदेश महासचिव, हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन।
हमने फील्ड में रहकर पावर हाउस चालू करवाने की कोशिश की है लेकिन कर्मचारी खुद ही बिजली कट कर रहे हैं। बरवाला में भी खेदड़ प्लांट से कर्मचारी लेकर आपूर्ति शुरू करवाने गए थे। हड़ताल के कारण फाल्ट भी ठीक नहीं हो रहे हैं। - हरिदत्त, चीफ इंजीनियर, डीएचबीवीएन।
मुख्यालय की विभिन्न विंग में हड़ताल की स्थिति
कार्यालय कुल स्टाफ हड़ताल पर
चीफ इंजीनियर एमएम विंग 27 19
एसई कमर्शियल 20 19
चीफ ऑडिटर 118 99
सीएओ 72 60
सीबीओ एसई 126 121
एसई सिविल 43 41
एसई एमएंडपी 107 93
एसई कंस्ट्रक्शन 33 33
सीओएस 105 83
डीएचबीवीएन के सर्कलों में हड़ताल
सर्कल कुल स्टाफ हड़ताल पर
हिसार 544 538
गुरुग्राम प्रथम 382 372
गुरुग्राम द्वितीय 277 261
फरीदाबाद 164 150
पलवल 489 446
रेवाड़ी 576 550
नारनौल 472 452
भिवानी 594 580
फतेहाबाद 410 378
सिरसा 597 552
जींद 759 757