नागरिक अस्पताल में जांच करवाने आए रूस और वृंदावन से लौटे दो युवकों को आइसोलेशन वार्ड में दाखिल किया गया। बाद में इनमें से वृंदावन से लौटे युवक को आइसोलेशन वार्ड से इमरजेंसी में शिफ्ट कर दिया गया। रूस से लौटे युवक को अचानक घबराहट महसूस हुुई तो उसे नागरिक अस्पताल लाया गया। बाद में चिकित्सकों ने उसे आइसोलेशन वार्ड में रखकर उसका उपचार शुरू किया।
उधर, फ्लू क्लीनिक में बुधवार को खांसी-जुकाम और बुखार से संबंधित 120 मरीज जांच करवाने पहुंचे। इनमें से एक युवक नोएडा से लौटा था। वहां वह कनाडा निवासी अपने दोस्त के संपर्क में आया था, इसलिए वह भी जांच करवाने आया, ताकि स्थिति का पता चल सके। डॉ. सुरेश कौशिक ने बताया कि वृंदावन से आए युवक के पेट में काफी दर्द है, उसको सामान्य खांसी भी है। अभी तक कोरोना से संबंधित कोई लक्षण उसमें नहीं मिला है। वहीं, रूस से लौटे शहर की एक कॉलोनी निवासी युवक के परिजनों ने बताया कि वह सोमवार को घर लौटा था और उस समय भी उसका चेकअप करवाया था। मगर बुधवार को उसे काफी घबराहट हो रही थी, जिससे आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कराया गया है।
कोने में होने के कारण ट्राइएज की तरफ नहीं लोगों का ध्यान
नागरिक अस्पताल में बना ट्राइएज व्यर्थ साबित हो रहा है, क्योंकि यह ट्राइएज अस्पताल के मेन गेट के साइड में बना हुआ है, जिससे अस्पताल में आने वाले मरीजों का उस ओर कोई ध्यान नहीं जा रहा है। ऐसे में खांसी, जुकाम, बुखार संबंधित मरीज ट्राइएज के बजाय अंदरूनी फ्लू क्लीनिक में जांच करवाने के लिए पहुंचे। बुधवार को ट्राइएज में दोपहर तीन बजे तक खांसी, जुकाम, बुखार संबंधित 70 मरीज जांच कराने पहुंचे। वहीं, फ्लू क्लीनिक में 120 लोगों ने अपनी जांच करवाई।
दोनों जगह डॉक्टरों की टीम रही मौजूूद
अस्पताल के अंदरूनी फ्लू क्लीनिक में अस्पताल प्रशासन द्वारा दो डॉक्टरों की मौजूदगी में एक टीम गठित की गई, जिसमें डॉ. सुरेश कौशिक, डॉ. पीके गुप्ता व अन्य नर्स स्टाफ शामिल रहा। वहीं, ट्राइएज में डॉ. ज्ञानेंद्र व नर्स स्टाफ की एक टीम मौजूद रही। उस दौरान सभी मरीजों की थर्मामीटर स्केल से जांच की गई, जिससे मरीज के तापमान की जांच की गई कि वह कोराना संदिग्ध है या नहीं। हालांकि, उस दौरान कोई भी व्यक्ति कोरोना संदिग्ध नहीं मिला।
चारों फिजिशियन की ड्यूटियां की तय
अस्पताल प्रशासन द्वारा चारों फिजिशियन की ड्यूटियां निर्धारित कर दी गई हैं। इसमें से एक फिजिशियन को ट्राइएज का, जबकि दूसरे फिजिशियन को आइसोलेशन वार्ड का नोडल ऑफिसर बनाया गया। बाकी दोनों फिजिशियन को ओपीडी में नियुक्त किया गया है, ताकि ओपीडी में आने वाले मरीजों को कोई परेशानी न होने पाएं।
लक्षण नहीं मिले तो नहीं लिए सैंपल
फिजिशियन डॉ. अजय चुघ ने बताया कि बुधवार को चेकअप के लिए आए किसी भी मरीज में कोरोना या स्वाइन फ्लू संबंधित लक्षण नहीं मिले, जिससे किसी भी मरीज का सैंपल नहीं लिया गया। रूस से आए युवक को कम बुखार था, जिससे उसे दवा दे दी गई हैं। डॉक्टरों के अनुसार किसी खांसी, जुकाम, बुखार संबंधित व्यक्ति को अपने परिजनों व अन्य लोगों के संपर्क से अलग रहना चाहिए। ऐसे में मरीजों को दवा से ज्यादा धैर्य और अंदरूनी ताकत को बनाए रखना है। ऐसे में वह घर पर ही आइसोलेशन वार्ड बनाकर सतर्क रहें और अपनी सेहत का ध्यान रखें। यदि तबीयत ज्यादा बिगड़ें तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।
कोरोना को लेकर 7027830252 टोल फ्री नंबर जारी
कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 7027830252 जारी किया गया है। इस नंबर से कोई व्यक्ति कोरोना से सावधानी बरतने के लिए जानकारी प्राप्त कर सकता है। अगर कोई व्यक्ति किसी राज्य या विदेश से घूमकर आया हो या अन्य कोरोना संबंधित मरीज के संपर्क में आया हो तो उसे खांसी, जुकाम, बुखार होता है तो वह तुरंत इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें।
अस्पताल की रसोई में भी बढ़ाई सतर्कता
कोरोना को लेकर नागरिक अस्पताल द्वारा पूरी तरह से एहतियात बरती जा रही है। अस्पताल के वार्डों में दाखिल मरीजों के लिए खाने बनाने को अस्पताल की तिरुपति बालाजी रसोई में कार्यरत कर्मचारी भी बुधवार को पूरे प्रबंधों के साथ काम करते रहे। रसोई में कार्यरत कर्मचारी मास्क, ग्लव्स, एप्रिन पहनकर मरीजों के लिए खाना बना रहे थे।
ऐसे बरतें सावधानी
- खांसते या छींकते समय मुंह पर कपड़ा रखें।
- भीड़ वाली जगह पर मॉस्क व ग्लव्स पहनें।
- ज्यादातर घर पर ही रहें।
- किसी राज्य, देश या कोरोना संदिग्ध व्यक्ति के संपर्क से दूर रहें।
लक्षण
- तेज बुखार, जुकाम, खांसी।
- सांस लेने में परेशानी होना।