हिसार। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हांसी और उसके आसपास के गांवों में हुई आगजनी व तोड़फोड़ के तीन मामलों में एडीजे देशराज चालिया की अदालत ने शुक्रवार को आरोपी सिसाय वासी दलजीत और पवन को बरी कर दिया। दो अन्य मामलों पर छह फरवरी को फैसला आएगा। 30 जनवरी को अदालत ने दलजीत, पवन और सुरेंद्र को अंतिम सांस तक उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
एडवोकेट अनिल श्योराण ने बताया कि वर्ष 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट में शहर थाना हांसी में सिसाय वासी दलजीत और धनाना निवासी पवन के खिलाफ एफआईआर नंबर 142, 166 और 175 दर्ज की गई थी। दोनों पर आंदोलन के दौरान आगजनी, तोड़फोड़ आदि के आरोप लगे थे। तीनों मामलों में सुनवाई के दौरान शुक्रवार को अदालत ने दोनों को उक्त मामलों में बरी कर दिया। दो मामलों में छह फरवरी को फैसला आएगा। एडवोकेट श्योराण ने बताया कि उनके पास उक्त दोनों के 17 केस हैं। दो केसों में अदालत सजा सुना चुकी है, जबकि दो में फैसला आना बाकी है और बाकी केसों में दोनों बरी हो चुके हैं।