अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। ग्रुप डी की परीक्षा देने आने वाले परीक्षार्थियों की खातिरदारी के लिए एक तरफ जहां पूरा शहर जुटा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ स्कूल की कैंटीन और उनके सामने दुकानें चला रहे दुकानदार परीक्षार्थियों से ही कमाई करने में जुटे रहे। राजगढ़ रोड स्थित ठाकुरदास भार्गव स्कूल में भी ऐसा ही देखने को मिला। बैनर पर स्कूल का नाम लिखकर स्कूल कैंटीन संचालक ने मोबाइल फोन और बैग रखवाने के लिए 10-10 रुपये लिए। स्कूल के मेन गेट के पास ही बैनर लगा दिया गया। बैग व मोबाइल रखने वाले परीक्षार्थियों को प्लास्टिक के टोकन थमा दिए गए, ताकि वह बाद में उन्हें दिखाकर सामान वापस ले सके। मजबूरी में फंसे परीक्षार्थी भी यहां पैसे देकर अपना सामान जमा कराते नजर आए। स्कूल प्रिंसिपल का पक्ष जानने के लिए बात की गई तो उन्होंने तुरंत बैनर हटवाने की बात कही। जब डीसी से बात की गई तो उन्होंने कार्रवाई करने की बात कही।
डीसी के संज्ञान में लाया गया मामला
ठाकुरदास भार्गव स्कूल के कैंटीन संचालक द्वारा परीक्षार्थियों से बैग और मोबाइल रखवाने के नाम पर 10-10 रुपये वसूलने का मामला उपायुक्त अशोक कुमार मीणा के संज्ञान में भी लाया गया। उपायुक्त ने पैसे मांगने वालों के खिलाफ एक्शन लेने का आश्वासन दिया।
हमने कहा था कोई पैसे दे तो अलग बात, मांगना मत : प्रिंसिपल
हमने स्कूल के बाहर काउंटर लगवा दिया था। कैंटीन संचालक को कह दिया था कि वह पैसे नहीं मांगेगा, कोई दे तो अलग बात हैं। स्कूल का नाम लिखकर बैनर लगवाने की जानकारी नहीं है। कैंटीन संचालक ने कोई गलत हरकत की होगी। मैं तुरंत बैनर हटवाता हूं। केसी चतुर्वेदी, प्रिंसिपल, ठाकुरदास भार्गव वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल
महिला परीक्षार्थियों की पुरुष कर्मियों ने ली तलाशी
ग्रुप डी की परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों में महिलाओं की संख्या भी खूब रही। परीक्षा केंद्रों पर महिला परीक्षार्थियों की जांच के लिए महिला पुलिसकर्मी भी तैनात की गई थी। इसके बावजूद कुछ केंद्रों पर पुरुष पुलिसकर्मी महिला परीक्षार्थियों की जांच करते दिखे। गवर्नमेंट कॉलेज में बने परीक्षा केंद्र पर पुरुष पुलिसकर्मी महिला परीक्षार्थी को हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से जांचता नजर आया। विशेष बात यह है कि उस दौरान महिला पुलिसकर्मी भी वहां मौजूद थी, लेकिन वह दूसरी तरफ खड़ी रही।
महिला परीक्षार्थियों की पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा हैं हेल्ड मेटल डिटेक्टर से जांच करना गलत है। इस बारे में पुलिसकर्मियों को समझा दिया जाएगा। सुरक्षा प्रबंधों के लिए दूसरे जिलों से 375 पुलिसकर्मी बुलाए गए हैं।
-हरीश भारद्वाज, प्रवक्ता, जिला पुलिस
30 से 35 प्रतिशत रहे गैरहाजिर
ग्रुप डी की पहले दिन 35 हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। 99 केंद्रों पर शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न हुई, मगर परीक्षार्थियों को शहर तक पहुंचने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। दिन भर रोडवेज की बसों और रेलगाड़ियों में भारी भीड़ रही। रात में ही धर्मशालाओं में रुके परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों पर पहुंचाने के लिए सामाजिक संस्थाओं द्वारा वाहनों की भी व्यवस्था की गई। इस कारण उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं उठानी पड़ी।
10 और 11 नवंबर की तरह ही शनिवार को भी दोनों सत्रों में 51 हजार 480 परीक्षार्थियों के लिए इन केंद्रों पर सीटिंग प्लान बनाया गया, मगर 65 से 70 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी। 30 से 35 प्रतिशत परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा संपन्न होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन के मुख्यालय भेज दिया गया।
महिलाओं को मंगलसूत्र तक उतारने पड़े
महिला परीक्षार्थियों को कड़ों और बालियों से लेकर गले का मंगलसूत्र तक बाहर उतारना पड़ा। कुछ महिलाएं तो हाथों में फंसे कड़े और चूड़ियां निकालते समय मामूली रूप से चोटिल भी हो गईं।
दूसरे जिलों से भी बुलाए 375 पुलिसकर्मी
कमीशन की ओर से कुछ ही जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाने के लिए दूसरे जिलों से भी पुलिसकर्मी बुलाए गए। हिसार पुलिस प्रशासन द्वारा सिरसा, फतेहाबाद, जींद और पुलिस ट्रेनिंग सेंटर मधुबन से 375 पुलिसकर्मी बुलाए गए, जिनकी अलग-अलग केंद्रों पर परीक्षार्थियों की जांच करने की ड्यूटी लगाई गई।