अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। सतलोक आश्रम प्रकरण मामले के दो केस में में न्यायाधीश डीआर चालिया की स्पेशल कोर्ट वीरवार को अपना फैसला सुनाएगी। नवंबर 2014 के दोनों केस हत्या व षडयंत्र से जुड़े हुए हैं। इनमें संचालक समेत कुल 30 आरोपी हैं। छह लोग दोनों केेस में आरोपी हैं। इन केस में फैसला सुबह 11 बजे आने की उम्मीद है।
सुरक्षा कारणों को देखते हुए सुनवाई के लिए न्यायाधीश जेल परिसर में जाकर इनकी सुनवाई कर रहे हैं। सेंट्रल जेल वन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई होती है। पांच महिला व एक बच्चे की मौत को पुलिस की तरफ से हत्या बताया जा रहा है, जबकि बचाव पक्ष इसकी वजह प्रशासन द्वारा आश्रम में की गई कार्रवाई के कारण दम घुटने के कारण हुई मौत बता रहा है। इसी को लेकर कोर्ट को वीरवार को अपना फैसला देना है। केस में कुल 30 आरोपियों पर 302, 343 व 120बी के तहत केस दर्ज किया गया है।
राजगढ़ रोड व दिल्ली रोड, रेलवे स्टेशन, कोर्ट परिसर पुलिस के सख्त पहरे में
फैसले का समय नजदीक आते ही पुरे जिले में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। दूसरे जिले से आने वाले सभी रास्तों पर नाकेबंदी कर दी गई है। इसके अलावा शहर के अंदर के भीड़भाड़ वाली जगहों को शस्त्र सुरक्षा बल तैनात किया गया है। जेल 1 व जेल 2 केे बाहर, कोर्ट परिसर, रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कोर्ट में सुनवाई के लिए आने वालों को जांच के बाद ही अंदर भेजा जाएगा।
सुरक्षा में दो हजार से ज्यादा पुलिस कर्मचारी
सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लेने के लिए उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक ने शाम को शहर के मुख्य एरिया में फ्लैग मार्च किया। पुलिस टीम ने कोर्ट परिसर से लेकर छोटूराम चौक होते हुए नागोरी गेट व बस स्टैंड एरिया में मार्च निकाला। पूरे शहर की सुरक्षा के लिए दो हजार के करीब पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
शहर में धारा 144 लागू
उपायुक्त अशोक कुमार मीणा के आदेशों पर शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके नियमों का उल्लंघन करने के दोषी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एक स्थान पर इकट्ठा होने पर पाबंदी लगाई गई है। इसके अलावा कोई भी ऐसी वस्तु जो हथियार के रूप में इस्तेमाल की जा सके, को लेकर चलने पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसके अंतर्गत जेली, गंडासी, भाला, बरछा, चाकू, तलवार, लाठी, चेन व अन्य किसी प्रकार के शस्त्र लेकर घूमना वर्जित है। उन्होंने बताया कि इन आदेशों की अवहेलना में यदि किसी व्यक्ति को दोषी पाया जाता है तो नियमानुसार दंड का भागीदार होगा।
इमरजेंसी के लिए नागरिक अस्पताल में भेजा अलर्ट
प्रशासन द्वारा किसी भी तरह की अशांति पूर्ण घटना हो जाने पर उससे निपटने के लिए नागरिक अस्पताल में भी अलर्ट भेजा है। इस बारे में अस्पताल प्रशासन को पुरी तरह से अलर्ट रहने के लिए बोला गया है। सामान्य मरीजों को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया है। इसकेे अलावा आसपास के सीएचसी व पीएचसी को कम से कम मरीजों को हिसार रेफर करने का निर्देश दिया गया है। सीएमओ डॉ. दयानंद ने बताया कि किसी भी तरह की आपातकाल स्थिति के लिए स्टॉफ को आवश्यक दिशा निर्देश दे दिए गए हैं।
आईजी बोलेे सोशल मीडिया पर न फैलाएं अफवाह
मामले को लेकर हिसार रेंज के आईजी संजय कुुमार ने कहा कि इस बारेे में सोशल मीडिया पर किसी तरह की अफवाह न फैलाए। सोशल मीडिया पर झूठी अफवाहें फैलाने वालों पर रोकथाम के लिए साइबर सेल को भी सक्रिय कर दिया गया है। असामाजिक तत्वों पर निगरानी के लिए खुफिया तंत्र को भी सक्रिय किया गया है, जिसमें पुलिस जवानों की सादे कपड़ों में ड्यूटियां लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की झूठी अफवाह से बचें और कानून एवं शांति बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।
उकलाना मंडी पुलिस भी चौकस
मामले के मद्देनजर स्थानीय पुलिस भी चौकस हो गई है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रबंध कर लिए हैं। बरवाला स्थित रामपाल के आश्रम की ओर जाने वाले सड़क मार्ग सुरेवाला चौक पर पुलिस ने नाकाबंदी कर दी है। इस सड़क पर जाने वाले वाहनों की चेकिंग की जा रही है। गौरतलब है कि पंजाब क्षेत्र से रामपाल के समर्थन में आने वाले लोगों के लिए यही सड़क मार्ग पड़ता है। जब आश्रम में पुलिस व रामपाल के भक्तों के बीच संघर्ष हुआ था तब हजारों की संख्या में इसी नाके से समर्थक निकलने में सफल रहे थे।