हिसार। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। हालात सुधरेंगे भी कैसे, जब आधी सड़क पर ही अवैध पार्किंग कर दी जाएगी। इससे भी चिंताजनक स्थिति यह है कि ट्रैफिक सिस्टम को सुधारने के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास जरूरी संसाधन भी नहीं है। बस स्टैंड से लेकर जिंदल चौक तक मुख्य सड़क पर ही गाड़ी या बाइक खड़ा करना लोग अपना अधिकार समझ रहे हैं। बदहाल व्यवस्था से बेशक शहरवासी परेशान हैं, लेकिन लाचार ट्रैफिक पुलिस के पास उनकी परेशानी का कोई समाधान नहीं है।
बाजार में वाहनों की बढ़ रही भीड़ के अलावा सड़क पर खड़ी कारों की वजह से हर रोज जाम जैसी स्थिति बनती है। जाम का कारण बनने वाले नो-पार्किंग में खड़े वाहनों को हटवाने के लिए न तो ट्रैफिक पुलिस के पास आधुनिक क्रेन है और न ही चालान काटने के लिए पर्याप्त कर्मचारी। इसी कमी के चलते शहर की मुख्य सड़कें अवैध पार्किंग का स्थान बन गई है।
गियर में खड़ी गाड़ी को नहीं हटा सकती पुलिस की क्रेन
ट्रैफिक पुलिस के पास आधुनिक क्रेन नहीं होने के कारण बड़ी दिक्कत है। पहले किराए पर क्रेन लेकर वाहनों को नो-पार्किंग एरिया से हटवाया जाता था। मगर गाड़ी गियर में खड़ी हो तो उसको ऐसी क्रेन से नहीं हटाया जा सकता। इसके लिए आधुनिक क्रेन की जरूरत पड़ती है। इसीलिए ट्रैफिक पुलिस प्रशासन द्वारा दो विशेष क्रेन की मांग मुख्यालय को भेजी गई है। इसके अलावा अभी ट्रैफिक पुलिस में करीब 160 कर्मचारी तैनात है जबकि शहर के हालातों के अनुसार 350 से अधिक ट्रैफिक कर्मी चाहिए। इसलिए 200 अतिरिक्त कर्मचारियों के लिए भी मांग भेजी गई है।
सड़क से गायब हो गई पीली पट्टी
शहर में नो-पार्किंग की सबसे ज्यादा समस्या गुरुद्वारा के पास, नागोरी गेट के पास, मटका चौक से लेकर कैंप चौक, टाऊन पार्क के सामने और जिंदल अस्पताल के सामने है। इन स्थानों पर पूरे दिन गाड़ियां आधी सड़क पर खड़ी रहती है। इससे पूर्व व्यवस्था को सुधारने के लिए ट्रैफिक पुलिस की तरफ से इन एरिया में सड़क पर पीली पट्टी लगवाई गई थी। जो वाहन इस पीली पट्टी से बाहर खड़े मिलते, उनको जब्त किया जाता था। अब वह पीली पट्टी भी गायब हो चुकी है।
ऑटो और बाइक के चालान तक सिमटे
ट्रैफिक पुलिस द्वारा प्रतिदिन करीब 30 नो-पार्किंग के चालान किए जाते है। इनमें से ज्यादातर चालान कोर्ट परिसर एरिया में ही किए जाते है। इस कार्रवाई में भी ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के निशाने पर ऑटो व बाइक सवार ही रहते है। जिन स्थानों पर कार पार्किंग की वजह से जाम लगता है, वहां पर ट्रैफिक पुलिस की तरफ से नो-पार्किंग का कोई चालान नहीं किया जाता। तलाकी गेट पार्किंग के पास सड़क पर गाड़ियां खड़ी होने से पूरे शहर में जाम के हालात बन जाते हैं।
बड़े-बड़े प्रतिष्ठान, मगर पार्किंग की व्यवस्था तक नहीं
नागोरी गेट से लेकर जिंदल चौक तक बड़े-बड़े प्रतिष्ठान, बैंक, शोरूम, बड़ी कंपनियों के कार्यालय तक बने हुए हैं। मगर किसी के पास भी पार्किंग की बेहतर व्यवस्था नहीं है। खासकर बैंकों का बुरा हाल है। बस स्टैंड के पास तथा डाबड़ा चौक के नजदीक पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में रोजाना हजारों लोगों का आना-जाना होता है लेकिन दोनों ही जगह पार्किंग की सुविधा नहीं है। नीलकंठ कॉम्प्लेक्स के बाहर मोटरसाइकिलों की लंबी लाइन नजर आती है।
ट्रैफिक पुलिस के पास कर्मचारियों की कमी है। इसके अलावा विशेष तरह की क्रेन भी नहीं है। क्रेन व कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग भेजी गई है। क्रेन मिलने के बाद नो-पार्किंग एरिया में खड़े वाहनों को जब्त करना शुरू किया जाएगा।
मंदीप सांगवान, प्रभारी, ट्रैफिक पुलिस