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जिला ऑल सेक्टर आरडब्ल्यूए की सेक्टर 16-17 कम्युनिटी सेंटर में बैठक------------

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
सेक्टरों की सड़कें, बिजली, पानी, बंदरों सहित सभी समस्याओं को लेकर जिला ऑल सेक्टर आरडब्ल्यूए की सेक्टर-16-17 के कम्युनिटी सेंटर में मीटिंग हुई। मीटिंग में शहर के सात पार्षद भी शामिल हुए। आरडब्ल्यूए और सेक्टर वासियों ने मीटिंग में अधिकारियों के साथ पार्षदों को बराबर जिम्मेदार ठहराया। जिला ऑल सेक्टर आरडब्ल्यूए के प्रधान दलबीर किरमारा ने कहा कि चाहे पार्षद हो या आरडब्ल्यूए के सदस्य समस्याओं को लेकर एकजुट होना पड़ेगा। इस मुद्दे पर पार्टियों को त्यागना होगा। जब तक हमारा समाधान न हो हम तैयारी करेंगे कि किसी नेता को किसी कॉलोनी या सेक्टर में न घुसने दें।
दीवान ने रखा निगम का पक्ष
पूर्व पार्षद एवं पार्षद प्रतिनिधि पंकज दीवान ने निगम का पक्ष रखते हुए कहा कि करोड़ों के टेंडर लगाए गए हैं, जल्द ही काम शुरू हो जाएंगे। डिप्टी मेयर भीम महाजन सहित लगभग सभी पार्षदों, आरडब्ल्यूए की मीटिंग में आए लोगों ने विरोध किया। सेक्टर-14 से डॉ. भारती ने खड़े होकर कहा कि जिम्मेदार पार्षद हैं। आप काम नहीं करवा पा रहे, जनता ने आपको चुनकर भेजा है। कब से यही सुनते आ रहे हैं ...हो जाएंगे टेंडर, लगाए गए हैं। पार्षद राजपाल मांडू ने तो यहां तक कहा कि हम वोट मांगने नहीं आए, जो इस तरह की बात हो रही है। निगम बिना आंदोलन करे या उस भाषा के कोई काम नहीं करता।
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एमई, एक्सईएन, एसई बन रहे बेवकूफ
सेक्टर वासियों ने कहा कि निगम के तीन अधिकारी बेवकूफ बना रहे हैं। इसमें एसई, एक्सईएन और एमई हैं। ये तीनों घुमाते रहते हैं। एक बार जाओ तो टेंडर लग गया। दूसरी बार जाते हैं तो वर्क ऑर्डर दे दिया और तीसरी बार जाते हैं तो फिर एक-दूसरे का नाम लेकर कहेंगे वो बताएंगे।
ये जीएसटी नंबर क्या हो गया...
सेक्टर वासी सुजान सिंह बैनीवाल ने कहा कि पार्क समिति को कई महीनों से पेमेंट नहीं हो रही। अब नई कंडीशन लगाते हुए निगम ने कहा कि जीएसटी नंबर लेना पड़ेगा। ये जीएसटी नंबर क्या हो गया, हम तो इसे ही ढूंढ रहे हैं।
जाखड़ बोलीं, गड्ढों में चलकर हो गया सर्वाइकल
अखिल महिला जनवादी समिति अध्यक्ष शकुंतला जाखड़ ने कहा कि सेक्टर के लोगों को पिछले कई सालों से सड़क सहित मूलभूत सुविधाएं ही नहीं मिल रहीं। लोगों को इन सड़कों की गड्ढों की वजह से सर्वाइकल हो गया।
बंदरों के मुद्दे पर उलझे महेंद्र जुनेजा, अमित ग्रोवर
बंदर पकड़ने वाले पार्षद महेंद्र जुनेजा और सद्भावना संस्था के अध्यक्ष अमित ग्रोवर उलझ गए। अमित ग्रोवर ने कहा कि सद्भावना संस्था ने एनओसी ले ली है। सेक्टर-13 में बुधवार से बंदर पकड़ना शुरू करेंगे। पार्षद और एमएलए काम नहीं करते। इस पर पार्षद महेंद्र जुनेजा ने भड़कते हुए कहा कि एमपी ने कौन से बड़े झंडे गाड़ दिए। आप लोग आर्थिक सहयोग मांग रहे हो, वो आरयूबी के भीख वाले लाखों रुपये कहां है।
निगम के पास तीन जवाब
अर्बन इस्टेट टू आरडब्ल्यूए के प्रधान रामनिवास गोयल ने कहा कि निगम के पास जब भी जाते हैं, केवल तीन ही जवाब मिलते हैं। एक बजट नहीं, दूसरा स्टाफ नहीं, तीसरा टेंडर लगा दिया गया है। मगर काम कोई नहीं होता।
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ये हैं मांगें
1. खस्ताहाल सड़कों को तुरंत दुरुस्त किया जाए।
2. शहर को लावारिस पशुओं से मुक्त किया जाए।
3. बंदरों को पकड़ने का खर्च नागरिक नहीं अपितु निगम वहन करे।
4. सेक्टरों में पानी के बिलों में की गई कई गुणा बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाए।
5. शहर में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तुरंत बदला जाए।
6. सीवेरज के मैनहोल को दुरुस्त किया जाए और उनकी सफाई की जाए।
7. सेक्टरों के पार्कों, ग्रीन बेल्टों की टूटी दीवारों का पुनर्निर्माण करवाया जाए।
ये रहे बैठक में मौजूद
निगम पार्षद मा. प्रह्लाद सिंह, रेखा सैनी, भीम महाजन, नरेंद्र शर्मा, राजपाल मांडू, पंकज दीवान, अजीत सिंह, कमला बंसल के प्रतिनिधि मुकेश बंसल, टीनू जैन व मान सिंह चौहान, जिला आरडब्ल्यूए के वरिष्ठ उपप्रधान बलवान गुर्जर, प्रभारी अशोक अरोड़ा, महासचिव त्रिलोक बंसल सहित विभिन्न सेक्टरों के प्रधान सुभाष सैनी, अजय जिंदल, जितेंद्र श्योराण, हनुमान वर्मा, प्रवीन जडैन, नवीन गांधी, अमर लाल बूरा, आरएस पानू, अशोक खुराना, डॉ. भारती अरोड़ा, अनिल बिढ़लान, विनोद तोसावड़, प्रकाश मेहरा, संजय सातरोड़िया, मेजर आरएन शर्मा, जगमन सरपंच, कृष्ण सिंधु, राधाकृष्ण नारंग, दीपक आहुजा, सुभाष जैन, डीबी गुप्ता, गुलशन ढींगड़ा, सुमित जांगड़ा आदि उपस्थित रहे।
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