अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
गांव लाडवा में करीब 300 घरों के लोग जलभराव के कारण घरों में कैद होकर रह गए हैं। करीब 70 घरों में पानी घुस गया है। बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए पानी से गुजरना पड़ रहा है। स्कूल में भरे बरसाती पानी के कारण कमरों में मेंढक, केंचुए और सांप निकल रहे हैं।
लाडवा गांव की वाल्मीकि बस्ती के लोग अपने घरों में कैद हैं। करीब 300 घरों के सामने दो से तीन फीट बरसाती पानी भरा हुआ है। ग्रामीण पानी की निकासी के लिए गुहार लगा रहे हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के सामने तीन से चार फीट पानी भरा है। विद्यार्थियों को नंगे पांव पानी से गुजरते हुए स्कूल तक पहुंचना पड़ रहा है। स्कूल के मैदान में भी पानी भरा हुआ है, जिस कारण स्टूडेंट टॉयलेट नहीं जा पा रहे। टंकी के चारों ओर भी पानी भरने के कारण बच्चे पानी भी नहीं पी सकते। अपने घरों से पानी लाकर पीते हैं। आलम यह हो गया कि स्कूल में पढ़ाई के समय मेंढक, केंचुआ सहित कई अन्य कीट क्लास में निकल रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में स्कूल में तीन बार सांप निकल चुके हैं। पानी निकासी के लिए अब तक न तो शिक्षा विभाग ने पहल की, न ही पंचायत ने। पानी में बदबू होने के बाद अब मच्छरों के पनपने से डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया के फैलने की आशंका हो गई है। बरसात के पानी के कारण स्कूल की चारदीवारी का कुछ हिस्सा ढह गया। जिसके कारण बेसहारा पशु भी स्कूल परिसर में घुस रहे हैं।
महामारी फैलने की आशंका
लाडवा वाल्मीकि बस्ती के निवासी सुरेंद्र, रामफल, सतीश, साहिल कागरा, कुलदीप, प्रदीप, कालू, संदीप सहित अन्य ने बताया कि करीब 70 घरों में पानी घुस गया है। 300 से अधिक घरों के आगे पानी भरा है। यहां महामारी फैलने की आशंका बढ़ गई है।
पानी भरने पर पीएचसी चौपाल में शिफ्ट
लाडवा के प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में चिकनगुनिया, डेंगू, मलेरिया से बचाव का संदेश लिखा है। यह केंद्र खुद इन बीमारियों को बढ़ाने वाले मच्छर पाल रहा है। यहां बरसाती पानी पिछले कई दिनों से भरा है। जिस कारण पीएचसी को शिफ्ट कर अब चौपाल में भेज दिया गया है। पीएचसी के गेट पर ताला लगा दिया है।
अंतिम संस्कार में नहीं जा पा रहे
लाडवा में वाल्मीकि बस्ती के आगे पानी भरने से शमशान घाट का रास्ता बंद हो गया। शमशान घाट तक पहुंचने के लिए तीन से चार फीट पानी से गुजरना पड़ता है। यहां अंतिम संस्कार के लिए लोग शव को ट्रैक्टर ट्रॉली में ले जाते हैं।
पानी निकासी के प्रयास नहीं किए
गांव सातरोड़ खुर्द के स्कूल परिसर में भी पानी भरा हुआ है। गंदे पानी की बदबू बच्चों के लिए मुसीबत बन गई है। करीब तीन एकड़ से अधिक एरिया में गांव के जोहड़ ओवरफ्लो होने के कारण गंदा पानी भर गया है। पानी निकासी के लिए अभी तक किसी तरह का प्रयास नहीं हो सका।
गांव में पानी की निकासी के लिए जिला परिषद की मीटिंग में भी मुद्दा उठाया था। डीसी को शिकायत से अवगत करा चुके हैं। लाडवा, सातरोड़ कलां, खातरोड़ खुर्द, रायपुर, शिकारपुर में गंदा पानी बड़ी समस्या बन गया है। प्रशासन ने इन गांवों की सुध नहीं ली तो आंदोलन की राह अपनाएंगे।
- कृष्ण सातरोड़, जिला पार्षद, हिसार
पिछली बरसात का पानी सूखने से पहले ही फिर पानी भर गया। गांव का पानी स्कूल में आ रहा है। पानी निकासी के लिए शिक्षा विभाग तथा सरपंच को लिखा है। इस समस्या के स्थायी समाधान की जरूरत है।
- कुलभूषण शर्मा, प्रिंसिपल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल, लाडवा
प्रशासन को कई बार शिकायत दे चुके हैं। कोई सुनवाई नहीं हो रही। एक बार नायब तहसीलदार आए थे। इसके बाद किसी ने कुछ नहीं किया। हम अपने खुद के पैसे खर्च कर ट्यूबवेल से पानी निकासी की कोशिश कर रहे हैं।
- जोगेंद्र पूनिया, सरपंच, लाडवा
फोटो 14 से 20 तक
- लाडवा में स्कूल, पीएचसी, शमशान घाट में भी भरा पानी
-टॉयलेट तक नहीं जा पा रहीं छात्राएं, पानी की टंकी के चारों ओर भी भरा पानी
मच्छरों के पनपने से डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया के फैलने की बढ़ी आशंका