हिसार। स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 से पहले शहर की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। पांच दिन से सफाई व्यवस्था ठप होने के कारण घरों से लेकर सड़कों तक कचरे के ढेर लग गए हैं और करीब 1050 टन कचरा सड़ रहा है।
हालात यह हैं कि लोग मजबूर होकर घरों का कचरा सड़कों पर फेंक रहे हैं। शहर में हर 200 से 300 मीटर पर कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं जबकि सार्वजनिक डस्टबिन भी उफन रहे हैं। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल में नगर निगम कर्मचारी भी शामिल हैं जिससे निगम के सामान्य कार्य भी प्रभावित हो गए हैं।
अमर उजाला की टीम ने मंगलवार को शहर में सफाई व्यवस्था के लिए ग्रांउड रिपोर्ट की। नई सब्जी मंडी रोड पर चार स्थानों पर कचरा सड़क किनारे नजर आया। सब्जी मंडी में भी चारों ओर कचरा फैला हुआ दिखा। ऑटो मार्केट में गेट के पास ही कचरे का ढेर लगा था। इसमें गोवंश मुंह मारता दिखाई दिया।
कृष्णा नगर में जिस कचरा प्वाइंट को निगम ने कुछ समय पहले खत्म किया था वहां दोबारा से कचरे के ढेर नजर आए। यहां निगम की ओर से लगाए गए बैंच के चारों ओर भी कचरा फैला था। हिसार रेलवे स्टेशन की दीवार के साथ कचरा ही कचरा फैल गया है। कैमरी रोड पर बनाए गए कचरा सेकेंडरी प्वाइंट के बाहर भी कचरा नजर आया। तोशाम रोड पर बने सेकेंडरी प्वाइंट पर भी कचरा फैला था।
प्रतिदिन उठाया जाता है 210 टन कचरा
नगर निगम से प्रतिदिन औसतन 210 टन कचरा उठाया जाता है लेकिन पांच दिन से एक भी गाड़ी नहीं चली। इससे करीब 1050 टन कचरा शहर में जमा हो गया है। हालिया बारिश के बाद बदबू और स्थिति और गंभीर हो गई है। अनाज मंडी, सब्जी मंडी और सेकेंडरी कचरा प्वाइंट के आसपास हालात सबसे ज्यादा खराब हैं।
गेट पर डटी महिला कर्मचारी
मंगलवार को नगर निगम कार्यालय के छह लिपिक ड्यूटी के लिए पहुंचे लेकिन मुख्य द्वार पर मौजूद महिला सफाई कर्मियों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि हड़ताल के दौरान कोई काम नहीं होगा। इसके चलते निगम कार्यालय पहुंचे लोग भी बिना काम कराए लौट गए।
1100 कर्मचारी पूरी तरह से हड़ताल पर हैं। डोर-टू-डोर कर्मचारी भी धरने पर हैं। ठेकेदार टेंडर की शर्तें पूरी नहीं कर रहे, कर्मचारियों को पूरा वेतन, ईएसआई और पीएफ नहीं मिल रहा। न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा।
- सुरेंद्र उर्फ गोलू, नगर पालिका सफाई कर्मचारी यूनियन, हिसार।
मैं बेटे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए आया था। शुक्रवार को भी आया था। गांव बांडाहेड़ी से तीन बार चक्कर लगा चुका हूं लेकिन सर्टिफिकेट नहीं मिला।
- विक्रम, नागरिक।
हाउस टैक्स के लिए निगम आया था लेकिन पूरा कार्यालय खाली मिला। हड़ताल कब खत्म होगी, कोई जानकारी नहीं। अब फिर आना पड़ेगा।
- राम स्वरूप, नागरिक।