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सुबह निगम पहुंचते ही कर्मचारियों ने एंट्री गेट पर जड़ा ताला, 45 मिनट बाद पार्षद के माफी मांगने पर निपटा मामला

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार। नगर निगम में कर्मचारी और पार्षद के बीच शुक्रवार को उपजा विवाद दो दिन बाद शांत हो गया। वार्ड नंबर आठ के पार्षद भूपसिंह रोहिल्ला द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स के कर्मचारी दरिया सिंह से माफी मांगने के बाद मामला निपट गया। इससे पहले सोमवार सुबह कार्यालय पहुंचते ही कर्मचारियों ने मुख्य परिसर के गेट पर ताला जड़ दिया और किसी भी कर्मचारी को अंदर नहीं जाने दिया।
कर्मचारी गेट के बाहर खड़े होकर पार्षद के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। करीब 45 मिनट तक कर्मचारियों का प्रदर्शन चलता रहा। इसी बीच कमिश्नर अशोक गर्ग भी मौके पर पहुंच गए। कर्मचारियों ने उनके सामने भी अपनी बात रखी। कुछ मिनट बाद ही पार्षद भूपसिंह रोहिल्ला भी कर्मचारियों के पास आ गए और उन्होंने सबके सामने कर्मचारी से माफी मांगकर अपना पिंड छुड़वाया। कर्मचारी दरिया सिंह का कहना है कि पार्षद भूपसिंह ने माफी मांग ली है, इसलिए विरोध खत्म कर दिया गया है। वहीं पार्षद का कहना है कि दोनों पक्षों में मिस अंडरस्टेंडिंग हो गई थी। कर्मचारियों के पास जाकर मिस अंडरस्टेंडिंग को दूर कर दिया गया है। विवाद जैसी कोई बात नहीं है।
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यह था मामला
दरअसल, शुक्रवार शाम पांच बजे बाद प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में कैंप एरिया निवासी एक व्यक्ति की फाइल की जानकारी लेने आए पार्षद भूपसिंह रोहिल्ला की कर्मचारी दरिया सिंह के साथ गहमागहमी हो गई थी। कर्मचारी दरिया सिंह का आरोप था कि पार्षद ने उसका गला पकड़कर हाथापाई करते हुए गाली-गलौज की और उसे ब्रांच से बाहर जाने के लिए कह दिया था। वहीं पार्षद ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा था कि जब उन्होंने दरिया सिंह से फाइल के बारे में पूछा तो उसने फाइल के बारे में जानकारी होने से ही मना कर दिया। जब उन्होंने कर्मचारी से कहा कि ब्रांच में काम करते हो तो जानकारी तो होनी चाहिए। आरोप है कि इस पर कर्मचारी ने भड़कते हुए कहा था कि मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं है, जो करना है कर लो।

बाकी पार्षदों के लटक गए चेहरे
पार्षद भूपसिंह रोहिल्ला द्वारा माफी मांगने की जानकारी जब अन्य पार्षदों को लगी तो उनके चेहरे भी लटक गए। कुछ पार्षद निगम कार्यालय में प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के कर्मचारियों द्वारा की गई खामियों को अधिकारियों के समक्ष रखने आए थे। मगर उन्होंने भी इस घटनाक्रम के बाद अधिकारियों से ज्यादा चर्चा नहीं की। अन्य पार्षदों का कहना था कि पार्षद द्वारा माफी मांगना ठीक नहीं क्योंकि प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के कर्मचारियों का व्यवहार भी ठीक नहीं है। पार्षद जनता का प्रतिनिधि है और वह अपनी समस्या नहीं, बल्कि शहरवासियों की समस्या लेकर आता है। इसलिए उसकी बात को तवज्जो मिलनी चाहिए।

बाद में सर्वर ठप होने से बाधित होता रहा काम
नगर निगम कार्यालय में सुबह 45 मिनट कामकाज इस विवाद के कारण ठप रहा तो उसके बाद सर्वर ठप हो गया। इस कारण करीब दो घंटे तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं हो सका। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि इसके बावजूद 500 से अधिक लोगों का चार कैश काउंटरों पर करीब 14 लाख रुपये टैक्स जमा किया गया। अगर सर्वर ठप नहीं रहता तो एक हजार से अधिक लोग अपना टैक्स जमा करवा पाते।

दोनों पक्षों में मिस अंडरस्टेंडिंग हो गई थी। कर्मचारियों के पास जाकर उस मिस अंडरस्टेंडिंग को दूर कर दिया गया है। विवाद जैसी कोई बात नहीं है।
- भूपसिंह रोहिल्ला, पार्षद, वार्ड नंबर 8

किसी भी कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने गेट पर ताला जड़ दिया था। मगर बाद में पार्षद ने इसी बीच आकर माफी मांग ली थी। इसलिए हमने हमारा विरोध खत्म कर दिया।
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- प्रवीन कुमार, प्रधान, नगरपालिका कर्मचारी संघ

पार्षद ने शुक्रवार को दुर्व्यवहार किया था। इसलिए विरोध जताया गया था। अब पार्षद ने माफी मांग ली है, इसलिए विरोध खत्म कर दिया गया है। अब मुझे पार्षद से कोई शिकायत नहीं।
- दरिया सिंह, कर्मचारी, प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच।
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