अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। सेक्टर 16-17 एवं 13 पार्ट-2 रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने हुडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की अवमानना का आरोप लगाते हुए 25 फरवरी को हिसार आ रहे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का विरोध करने का ऐलान किया है। सेक्टरवासियों ने हुडा अधिकारियों को अवमानना का नोटिस भी दे दिया है।
एसोसिएशन प्रधान जितेंद्र श्योराण ने बताया कि सेक्टरवासियों पर थोपी गई अनापशनाप एन्हांसमेंट का जब राजनीतिक व अधिकारिक स्तर पर समाधान नहीं किया गया तो मजबूर होकर एसोसिएशन को उच्च न्यायालय में गुहार लगानी पड़ी थी। उच्च न्यायालय ने न केवल एसोसिएशन के केस को सुनवाई के लिए रखा, बल्कि याचिका पर ही हुडा को आदेश दे दिए कि वे आदेश मिलने के चार सप्ताह के भीतर एन्हांसमेंट की दोबारा गणना करके रिपोर्ट दें। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों को काफी समय बीत चुका है। इस दौरान सेक्टर एसोसिएशन द्वारा गठित कमेटी हुडा अधिकारियों को अपनी गणना रिपोर्ट दे चुकी है, लेकिन हुडा अधिकारियों ने गणना करवाकर रिपोर्ट नहीं बताई। काफी समय बीतने के बाद जब अधिकारियों से बातचीत की गई तो वे गोलमोल जवाब देते नजर आए। उन्होंने कहा कि तय समय सीमा पर दोबारा गणना न करके हुडा अधिकारियों ने उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की है, जो गलत व आदेशों की अवमानना है। श्योराण ने बताया कि उच्च न्यायालय की अवमानना के मामले में उन्होंने हुडा के मुख्य प्रशासक, सीसीएफ व हिसार प्रशासक को कानूनी नोटिस दे दिया है। इसके बाद वे उच्च न्यायालय में हुडा अधिकारियों पर अवमानना का केस दायर करवाएंगे। उन्होंने एलान किया कि यदि शीघ्र ही इस बारे में कार्रवाई नहीं होती है तो 25 फरवरी को हिसार में भाजपा की बैठक लेने आ रहे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का बहिष्कार एवं विरोध किया जाएगा और उन्हें बताया जाएगा कि अधिकारियों के सामने सीएम के आदेश भी कुछ नहीं है। खुद मुख्यमंत्री ने इस समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन उनके आदेशों को तवज्जो नहीं दी गई, वहीं अब उच्च न्यायालय के आदेशों को भी हुडा के अधिकारी मान नहीं रहे हैं। हुडा अधिकारियों को अवमानना का नोटिस देने के दौरान बीएस कुंडू, ओपी चावला, जगदीश जांगड़ा, मनविंद्र सेठी, हंसराज ठकराल, आरपी सोनी, दयानंद मेहता, राजेंद्र चौहान, कुलजीत मान, अमित बेरवाल व चंद्र कटारिया आदि उपस्थित थे।