अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में बस स्टैंड के मेन गेट पर सरकार का पुतला जलाने जा रहे सभी विभागों के कर्मचारियों को पुलिस ने रोक लिया। सिटी थाना प्रभारी मनदीप सांगवान के नेतृत्व में खड़े पुलिसकर्मियों ने कर्मचारियों से पुतला छीनने का प्रयास किया। पुतला छीनने को लेकर पुलिस और कर्मचारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
पुलिस ने एक बार तो पुतला छीन लिया। मगर महिला कर्मचारियों ने पुलिसकर्मियों से पुतला वापस ले लिया। इसके बाद दोनों तरफ कर्मचारियों ने खड़े होकर बीच में सरकार का पुतला रखकर उसे आग लगा दी। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुरेंद्र मान ने सिटी थाना प्रभारी मनदीप सांगवान पर इस घटनाक्रम के दौरान उन्हें गालियां निकालने का आरोप लगाया है। वहीं सांगवान ने ऐसे आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
नगर निगम कार्यालय से बस स्टैंड की ओर बढ़ रहे थे कर्मचारी
सुबह जन स्वास्थ्य विभाग, बिजली निगम, आंगनबाड़ी वर्कर्स सहित अन्य विभागों के कर्मचारी अपने विभागों के कार्यालय से होते हुए नगर निगम कार्यालय पहुंचे। यहां से सरकार के पुतले की शवयात्रा निकालते हुए पारिजात चौक, नागोरी गेट होते हुए बस स्टैंड के मेन गेट पर जा रहे थे। जब कर्मचारी लोकल बस स्टैंड की साइड से जाने लगे तो पुलिस ने उन्हें यहां रोक लिया। पुलिस ने उन्हें यहीं से पीछे धकेलने का प्रयास किया और पुतला छीनने की कोशिश की। यहीं से माहौल तनावपूर्ण हो गया। कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी भड़ास निकाली।
महिला कर्मचारियों से पुलिस कर्मचारियों ने छीना पुतला
कर्मचारियों को बस स्टैंड के मेन गेट पर जाने से रोकने के लिए खुद एसएचओ पुलिसकर्मियों के साथ मौजूद रहे। मगर प्रदर्शनकारियों में महिला कर्मचारी भी शामिल होने के बावजूद महिला पुलिसकर्मी नहीं बुलाई गई। पुरुष पुलिसकर्मियों ने ही महिला कर्मचारियों से पुतला छीनने में पूरा जोर लगाया। महिलाओं ने विरोध भी किया। एक बार तो पुलिसकर्मी पुतला छीनने में कामयाब भी हो गए, लेकिन महिला कर्मचारियों ने दोबारा कोशिश करके पुतला वापस ले लिया।
सबसे अधिक बिजली निगम और जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी रहे हड़ताल पर
रोडवेज विभाग के अलावा सबसे अधिक बिजली निगम और जन स्वास्थ्य एवं आभियांत्रिकी विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। बिजली निगम के 1188 में से 981 जबकि जन स्वास्थ्य विभाग के 823 में से 719 कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया। गनीमत रही कि पूरे दिन में बिजली संबंधी बड़ा फाल्ट नहीं आया। इस कारण बिजली सप्लाई में कोई समस्या नहीं रही। इसके अलावा नगर निगम के 650 सफाई कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे।
जन स्वास्थ्य विभाग के एसई ने खुद वाटर वर्क्स में खड़े रहकर चलवाई सप्लाई
जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण अधिकारियों को पूरा दिन सक्रिय रहना पड़ा। विभाग के एसई एसपी सेठी ने खुद वाटर वर्क्स में खड़े रहकर पेयजल सप्लाई चलवाई। अनुबंधित कर्मचारियों का सहयोग लिया गया। इसके अलावा एक्सईएन और एसडीओ स्तर के अधिकारियों ने भी पूरे दिन व्यवस्था पर नजर बनाए रखी।
स्वास्थ्य विभाग के 1105 में से मात्र 11 कर्मचारी हड़ताल पर
कर्मचारियों की हड़ताल में सबसे कम भागीदारी स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की रही। स्वास्थ्य विभाग के जिले भर में 1105 कर्मचारी हैं, लेकिन इनमें से मात्र 11 कर्मचारी ही हड़ताल पर रहे।
मुख्य विभाग और उनमें हड़ताल पर रहे कर्मचारी
विभाग ........................... कुल कर्मचारी .........हड़ताल पर रहे
जन स्वास्थ्य विभाग...........1105.................... 719
बिजली निगम ...................1188.................... 981
रोडवेज ...............................964..................... 752
नगर निगम ....................... 1050 .................. 650
हमारा प्लान बस स्टैंड के मेन गेट पर शांतिपूर्ण तरीके से सरकार का पुतला फूंकना था। हम बस स्टैंड की ओर जा रहे थे। मगर पुलिस ने हमें रोकने का प्रयास किया। धक्का-मुक्की की गई। महिला कर्मचारियों से पुतला छीना गया। सिटी एसएचओ मनदीप सांगवान ने मुझे गालियां भी दीं।
-सुरेंद्र मान, जिला प्रधान, सर्व कर्मचारी संघ, हिसार।
हम लोग तलाकी गेट पर थे। वहां हमारे प्रबंध पूरे थे। हमने कहा था कि ट्रैफिक बाधित न हो। बाद में कर्मचारी भीड़ के रूप में आगे बढ़ने लगे। इससे कोई भी घटना हो सकती थी। इसलिए हमने उन्हें रोकने का प्रयास किया। सुरेंद्र मान वरिष्ठ कर्मचारी हैं। हम हमेशा उनका सम्मान करते हैं। गाली देने जैसी कोई बात नहीं है। इस बात को बेवजह बढ़ाया जा रहा है।
-मनदीप सांगवान, प्रभारी, सिटी थाना पुलिस