अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
एक से दस जून तक प्रस्तावित किसान आंदोलन में पहले दिन मय्यड़ में किसान सांकेतिक तौर पर निशुल्क दूध वितरित करेंगे। इसके बाद बचा हुआ दूध सड़क पर फेंकेंगे। इसके बाद सब्जियों को फ्री में उपलब्ध कराएंगे। दस जून को किसान भारत बंद के लिए बाजारों में समर्थन मांगेंगे।
प्रस्तावित किसान आंदोलन के लिए हरियाणा किसान संघर्ष समिति की अध्यक्षता में मीटिंग हुई। समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कौथ ने कहा कि किसान स्वेच्छा से अपना आंदोलन चलाएंगे। इसमें दस दिन तक सब्जियां-फल, दूध, बाजार में लेकर नहीं जाएंगे। किसान अपनी सुविधा के अनुसार निशुल्क सब्जियां वितरित करेंगे। अपने दूध को घर में ही उपयोग करेंगे। इसकी शुरुआत मय्यड़ से की जाएगी। इसमें जोगेंद्र मय्यड़ की ओर से निशुल्क दूध वितरण किया जाएगा। इसके अलावा जिस गांव से किसानों का फोन आएगा, वहां जाकर समिति किसानों का सहयोग करेगी। प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौथ ने कहा कि किसान अपनी मांग को लेकर यह शांतिपूर्वक आंदोलन चलाएंगे। इसमें किसी किसान को रोका नहीं जाएगा। हाथ जोड़कर विनम्रता से सहयोग मांगेंगे।
वीटा प्लांट में 19 हजार लीटर दूध
हिसार जिले में वीटा का प्लांट है। इसमें करीब 19 हजार लीटर दूध रोजाना आता है। इसके बाद इस दूध को पैकिंग कर आगे बिक्री के लिए भेजा जाता है। यह पूरा दूध गांवों से आता है। इसके अलावा जिले में अमूल, मदर डेयरी का दूध पैकिंग दूध आता है।
आवक कम होने पर नकली दूध की आशंका
कृषि विभाग के उपनिदेशक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि किसानों के दस दिन के आंदोलन के चलते फल, सब्जियां, दूध के दाम बढ़ सकते हैं। इन सामान की कमी होने पर कालाबाजारी हो सकती है। नकली व पाउडर वाले दूध बनाने की घटनाएं हो सकती हैं।
आवक प्रभावित हुई तो बढे़ंगे रेट
जिला कृषि विपणन विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गर्मी के मौसम में नींबू, अदरक, अरबी, बीन्स, मक्का, पेठा, घीया, टींडा, गोभी, मटर, शिमला मिर्च, आलू, प्याज की आवक मध्यप्रदेश, हिमाचल, उत्तरप्रदेश से आजाद नगर मंडी के जरिए होती है। अनार, आम, केला, तरबूज, सेब सहित अन्य फल भी दिल्ली मंडी से आते हैं। अगर आवक प्रभावित हुई तो रेट बढ़ सकते हैं।
स्थानीय सब्जियों का असर दिखेगा
स्थानीय सब्जियों में टींडा, भिंडी, पालक, बैंगन, टमाटर की सब्जियां हिसार में होती हैं। इन सब्जियों की आवक बंद होने से कुछ असर पड़ सकता है। इसमें सब्जियों के रेट बढ़ सकते हैं।
ट्रैक्टरों के साथ अग्रोहा में जुटेंगे 22 गांवों के किसान
अग्रोहा। किसान संगठनों द्वारा प्रस्तावित दस दिवसीय बंद आंदोलन के लिए पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। किसान अपना शांतिपूर्वक आंदोलन शुरू करेंगे। किसान संगठन अपनी मांगों को लेकर एक से 10 जून तक मंडियों का बहिष्कार करेंगे और फसल को अपनी कीमत पर गांव में हॉट लगाकर बेचेंगे। अग्रोहा क्षेत्र के किसानों ने राजपूत धर्मशाला में सभा करके फैसला लिया कि सुबह नौ बजे अग्रोहा में इकट्ठे होकर क्षेत्र के सभी गांवों का दौरा करेंगे। इसमें क्षेत्र के 22 गांवों के किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ जुटेंगे। किसान सत्यनारायण गोदारा ने बताया कि किसान सौ से अधिक ट्रैक्टरों के साथ ब्लॉक के सभी 22 गांवों में जाकर अनुरोध करेंगे कि शहर से कोई भी सामान ना खरीदने बेचने न जाएं। इस सभा में बलबीर सरपंच अग्रोहा, सत्यवान नैन जिला पार्षद, सज्जन डूडी सरपंच फ्रांसी, विक्की जाखड़, लेखपाल सिवानी बोलान, सूरजभान सरपंच किरमारा, अजय जौहर लांधड़ी, अमित ढाका, महावीर शर्मा सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
सरपंचों ने दिया समर्थन
हिसार ब्लॉक एक और हिसार ब्लॉक दो के सरपंचों ने किसान आंदोलन को समर्थन दिया है। हिसार ब्लॉक द्वितीय सरपंच एसोसिएशन के प्रधान राजेश शाहपुर ने कहा कि सभी सरपंचों ने किसानों को समर्थन देने फैसला लिया है। हर स्तर पर किसानों के साथ खड़े होंगे।