पुश्तैनी काम में शौक का जज्बा जाग जाए तो सोने पर सुहागा हो जाता है। जोश को मुकाम तक पहुंचाने वाला किस तरह से हुनर का हीरो बन जाता है यह जोगेंद्र जांगड़ा की कलाकृतियों में बखूबी नजर आता है।
सुनने और देखने में भले ही आपको यकीन न हो, लेकिन यह सत्य है कि उसने अपने हुनर को माइक्रो कलाकृति की शक्ल में उतार दिया। उनकी अधिकांश कलाकृतियां माइक्रो आर्ट्स से प्रेरित हैं।
1.4 सेंटीमीटर का वर्किंग टेबल फेन और पांच सेंटीमीटर यानी माचिस की तीली के बराबर ट्रैक्टर-ट्रॉली बना दी। यह सभी चलते हैं।
बीकानेर स्थित महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ फाइन आर्ट कर चुके जोगेंद्र जांगड़ा के नाम कई खिताब हैं। उसने फाइन आर्ट में यूनिवर्सिटी भी टॉप की।
राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने उसे गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया। मूलत: भिवानी जिले के गांव मुंढाल के रहने वाले 28 वर्षीय जोगेंद्र जांगड़ा वर्तमान में बरवाला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में पेंटर इंस्ट्रक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
उनकी कलाकृतियों की प्रदर्शनी चाइना में भी लग चुकी है।
यह मिले अवॉर्ड
- पांच सेंटीमीटर की ट्रैक्टर-ट्रॉली बनाने पर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम शामिल
- 1.4 सेंटीमीटर का सबसे छोटा वर्किंग टेबल फेन बनाने पर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम शामिल
- साथ ही एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी नाम शामिल
- तीन बार प्रोफेशनल आर्ट के लिए चंडीगढ़ से हो चुके सम्मानित
- फाइन आर्ट्स में बीकानेर यूनिवर्सिटी टॉपर
- राजस्थान ललित कला अकादमी से भी सम्मानित
बचपन से है शौक
जोगेंद्र जांगड़ा को छोटी-छोटी चीजें बनाने का शौक बचपन से ही लग गया। उनके पिता बलवान सिंह जांगड़ा आईटीबीपी से सेवानिवृत्त हैं। जब भी वे छुट्टियों में घर आते हैं तो अपने पुश्तैनी काम में जुट जाते। पिता को देखकर जोगेंद्र के अंदर यह लग्न लग गई।
कुछ भी बना देते
जोगेंद्र जांगड़ा किसी भी चीज को झट में बना देते हैं। किसी का चित्र बनाना हो या अन्य कोई कलाकृति, उसे बनाने में उन्हें ज्यादा समय नहीं लगता है। महज 15 से 20 सेकेंड में हूबहू स्केच बना देते हैं। उसके द्वारा लकड़ी से बनाए गए जूतों की कलाकृति देखने वालों में कौतूहल पैदा कर देती है।
माइक्रो कार बनाने में जुटे
टाटा की नैनो कार से प्रेरित होकर जोगेंद्र जांगड़ा माइक्रो कार बनाने में जुटे हुए हैं। यह कार महज डेढ़ सेंटीमीटर के आसपास होगी। भविष्य में माइक्रो आर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए विद्यार्थियों को इसमें आगे बढ़ाएंगे।