गुड़गांव स्थित आयुध डिपो के 900 मीटर और फरीदाबाद में एयरफोर्स के हथियारों के स्टोर के 100 मीटर के प्रतिबंधित दायरे के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को रक्षा मंत्रालय और एयर फोर्स अथॉरिटी को कड़ी फटकार लगाई।
हाईकोर्ट ने मंत्रालय और एयरफोर्स अथॉरिटी द्वारा इन्हें शिफ्ट करने के इंकार के संबंध हलफनामे पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि स्थानांतरण संभव नहीं है, यह कोई जवाब नहीं है।
हाईकोर्ट ने इस मामले में दोनों को फिर से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश जारी किए हैं।
रक्षा मंत्रालय व एयर फोर्स अथारिटी द्वारा हाईकोर्ट में पेश हलफनामे में कहा है कि आयुध डिपो को शिफ्ट करना संभव नहीं है।
इससे देश पर अनावश्यक खर्चा बढ़ेगा। इसके अलावा गुड़गांव डिपो का प्रतिबंधित दायरा 900 मीटर से कम कर 100 मीटर करना भी संभव नहीं है।
हाईकोर्ट ने इस पर कहा कि यह उनसे जुड़ा हुआ मामला है, जिसका निपटारा करना भी उनकी जिम्मेदारी है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मंत्रालय और अथॉरिटी की ऐसी दलीलों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उधर, हरियाणा सरकार ने भी मामले की सुनवाई के दौरान एक्शन रिपोर्ट सौंपी।
सरकार ने कहा कि प्रतिबंधित इलाके में अवैध निर्माण के मामलों में एफआईआर दर्ज की जा रही है।
हाईकोर्ट में दाखिल इस मामले को लेकर दाखिल अलग अलग जनहित याचिकाओं में कहा गया कि गुड़गांव में जहां आयुध डिपो के समीप अतिक्रमण किए हैं, वहीं फरीदाबाद में एयर फोेर्स के हथियारों के स्टोर के समीप भी उसी तरह की स्थिति बनी हुई है।
ऐसे में कभी भी इलाके में कोई अप्रिय घटना हो सकती है लिहाजा सभी अतिक्रमण हटाए जाएं।
गुड़गांव आयुध डिपो के 900 मीटर के प्रतिबंधित इलाके में निर्माण कार्य जारी है। हाईकोर्ट ने इस मामले में गुड़गांव और फरीदाबाद दोनों जगहों के चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) को मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। रिपोर्ट में कहा गया कि अतिक्रमण हुए हैं।