मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि भाखड़ा नहर से हरियाणा को दी जाने वाली पानी की आपूर्ति में पंजाब सरकार की ओर से अचानक की गई कटौती दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे प्रदेश के जिलों में पानी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से पानी रोकने के फैसले पर पुनः विचार करने की अपील करते हुए कहा कि मानवता के नाते वह पानी को ना रोकें। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पानी को अपना बता रहे हैं। वह पानी प्रकृति का है, जिसके बारे में देश के प्रत्येक नागरिक को जानकारी है। पंजाब के मुख्यमंत्री से लगातार पानी के मुद्दे पर बात हुई और उन्होंने जल्द पानी देने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में वीडियो जारी कर मुकर गए। सैनी ने पंजाब के मुख्यमंत्री से विकास व किसानों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने पर मुकाबला करने को कहा।
मान ने सैनी को लिखा पत्र, बोले कभी भरोसा नहीं दिया
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को सीएम नायब सैनी को पत्र लिखकर कहा कि मैंने हरियाणा को पानी देने का कभी भरोसा नहीं दिया। हरियाणा का दावा झूठ का पुलिंदा है और सैनी सांविधानिक पद पर बैठकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। मान ने पत्र में लिखा कि मुझे केवल मीडिया के माध्यम से आपका पत्र प्राप्त हुआ। आपने फोन जरूर किया था, लेकिन मैंने कभी पानी देने का आश्वासन नहीं दिया। मैं ऐसा वादा तभी कर सकता हूं, यदि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य के साथ साझा करने के लिए एक भी बूंद पानी होता।
हरियाणा अपने हिस्से का पानी 31 मार्च तक इस्तेमाल कर चुका है। हरियाणा सरकार ने पंजाब से अपील की थी कि उनके पास लोगों के लिए पीने का पानी नहीं है। मानवता के आधार पर पंजाब सरकार ने उदारता दिखाते हुए 6 मार्च, 2025 से हरियाणा को प्रतिदिन 4000 क्यूसेक पानी देना शुरू कर दिया। मान ने कहा कि हरियाणा की आबादी तीन करोड़ है, जिसके अनुसार राज्य के लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए 1700 क्यूसेक पानी पर्याप्त है। कुछ दिन पहले हरियाणा ने अतिरिक्त 8500 क्यूसेक पानी प्रतिदिन की मांग की। इससे सिद्ध होता है कि हरियाणा को यह पानी सिंचाई के लिए चाहिए। यह समस्या इसलिए उत्पन्न हुई, क्योंकि हरियाणा ने पानी का उपयोग सही ढंग से नहीं किया।
हरियाणा सरकार केंद्र के जरिए पंजाब से करना चाहती ज्यादती
मान ने पत्र में लिखा कि राज्य सरकार पंजाब को उसके कानूनी अधिकारों से वंचित करने की अनुमति नहीं देगी। भाजपा पहले हरियाणा और अब केंद्र सरकार के जरिए राज्य के साथ ज्यादती करना चाहती है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीबीएमबी की ओर से पंजाब के पानी पर डाका डालने के लिए आए दिन नए प्रस्ताव पारित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार पंजाब के अधिकारों की रक्षा के लिए डटकर पहरा देगी और किसी को हमारे पानी को छीनने की अनुमति नहीं देगी।