विक्रम के सुरक्षित उतरते ही रोहतक की फास्टनर्स कंपनी का हर कर्मचारी झूम उठा। शहर की निजी कंपनी ने इसरो को 60 लाख से अधिक कलपुर्जे भेजे थे। वहीं रेवाड़ी की कंपनी ने चंद्रयान के लिए 55 किमी लंबा तार तैयार किया।
चांद पर विक्रम की सुरक्षित लैंडिंग की बधाई.. आप सबकी मेहनत रंग लाई। हम सफल रहे। चंद्रयान-3 की सफलता के बाद कानों पड़े यही पहले शब्द थे। इन्हें सुनकर रोहतक की फास्टनर्स (कलपुर्जे) निर्माता कंपनी के एमडी जसमेर लाठर भावुक हो उठे। इसरो के वैज्ञानिकों ने सफलता मिलने के बाद इस सहयोगी कंपनी के साथ खुशखबरी साझा की। यह सुनते ही जसमेर भावुक हो गए।
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बुधवार शाम को जसमेर लाठर ने अपनी खुशी व चंद्रयान-3 की सफलता में दिए सहयोग को अमर उजाला से साझा किया। उन्होंने कहा कि बुधवार शाम ही इसरो से डीजीएम क्वालिटी व डीजीएम फास्टनर्स विभाग के फोन उनके पास आए। दोनों सफलता की बधाई दी। इसरो ने जसमेर से कहा कि आपका सहयोग सफल रहा। इस फोन के बाद किसी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि इस पल के लिए पिछले दो साल से इंतजार कर रहे थे।
अपनी मेहनत का फल अपनी आंखों से देखने के लिए कंपनी के कर्मचारियों के साथ एमडी लाठर की नजरें टीवी पर जमी रहीं। कर्मचारियों में इस सफलता से खुशी का माहौल है। वे अपने काम को लेकर पहले से ज्यादा जोश में हैं। उधर, नट बोल्ट निर्माता कंपनी के मालिक राजेश जैन ने कहा कि चंद्रयान-3 की सफलता इसरो व देश की बड़ी उपलब्धि है। हमें भी इस सफलता में फास्टनर्स के जरिए जुड़ने का अवसर मिला।
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रेवाड़ी की कंपनी ने चंद्रयान के लिए तैयार किया 55 किमी लंबा तार
चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग में रेवाड़ी में बने तारों (केबल) का खास योगदान रहा। चंद्रयान-3 में अधिकतर स्पेशल केबल (डाटा व कोक्सल) रेवाड़ी स्थित कंपनी थर्मो कैब्स में तैयार करवाई गई हैं। बुधवार शाम विक्रम के चांद की सतह को छूते ही कंपनी में खुशी का माहौल बन गया।
अमर उजाला से बातचीत में थर्मो कैब्स कंपनी के संचालक नवीन सोनी ने बताया कि यह बेहद खुशी का पल है। चंद्रयान-3 के निर्माण में जिन केबल का इस्तेमाल किया गया है, उनमें करीब 55 किलोमीटर लंबे तार रेवाड़ी की इस फर्म से बनवाए गए हैं। इसरो की ओर से इस कंपनी को अभी भी और केबल बनाने का ऑर्डर दिया गया है। वर्ष 2012 में उनकी कंपनी ने इसरो से संपर्क साधा और केबल के प्रयोग का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने बताया कि उसके बाद से इसरो को केबल सप्लाई कर रहे हैं।