हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा व लूटपाट के मामलों में पुलिस ने शनिवार को तक कुल 1957 एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें एक हजार से अधिक एफआईआर केवल रोहतक जिले में ही दर्ज की गई हैं। इसके साथ राज्य सरकार ने आंदोलन में संपत्ति का नुकसान झेलने वाले 1537 लोगों को पहली किस्त के रूप में कुल 20 करोड़ 4 लाख 75 हजार 291 रुपये की सहायता राशि जारी कर दी है।
इसके अलावा बीमा कंपनियों द्वारा आंदोलन में क्षतिग्रस्त वाहनों की एक लाख 34 हजार 272 रुपये की क्लेम राशि भी दी जा चुकी है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि जिन क्षेत्रों में आंदोलन के दौरान संपत्ति को नुकसान हुआ है, उन क्षेत्रों के लोगों ने अपने-अपने जिले के उपायुक्तों को 5 मार्च शाम 5 बजे तक नुकसान की जानकारी व दावे लिखित में दे दिए हैं।
5 मार्च को दावे लेने का काम रात 12 बजे तक sanjivaniharyana.org वेबसाइट के जरिए भी जारी रखा गया। इसके अलावा एक फेसबुक अकाऊंट / facebook.com/ sanjivaniharyana से भी लोगों से संदेश व सुझाव लिए गए। उन्होंने बताया कि 5 मार्च तक कुल 1537 लोगों को पहली किस्त की कुल 20 करोड़ 4 लाख 75 हजार 291 रुपये की सहायता राशि जारी कर दी गई।
मुआवजा कमेटी ने बैठक में की समीक्षा
प्रभावित लोगों को मुआवजा देने के लिए गठित की गई कमेटी की शनिवार को हरियाणा पंचायत भवन चंडीगढ़ में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में इस बात की जानकारी ली गई कि प्रभावित लोगों को मुआवजा क्लेम करने और प्राप्त करने में कोई परेशानी तो नहीं आ रही है। आवेदन एवं सुझाव के लिए शुरू की गई वेबसाईट sanjivaniharyana.org एवं फेसबुक अकाऊंट facebook.com/ sanjivaniharyana तथा फ्री-हेल्पलाइन नंबर 1800-137-3825 की भी समीक्षा की गई।
दर्ज एफआईआर का जिलेवार ब्योरा
राज्य पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा, लूटपाट, आगजनी, दहशत व अफवाहें फैलाने के मामलों में अब तक कुल 1957 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें रोहतक जिले में 1101, सोनीपत में 186, झज्जर में 154, हिसार में 150, कैथल में 67, जींद में 59, भिवानी में 59, गुड़गांव में 29, पानीपत में 23, रेवाड़ी में 12, नारनौल में 8, पलवल में 9, कुरुक्षेत्र में 10, करनाल में 9, सिरसा में भी 9, फतेहाबाद में 8, यमुनानगर में 6, अंबाला में 6, फरीदाबाद में 2, पंचकूला में एक और रेलवे में 26 व रेलवे पुलिस फोर्स ने 23 एफआईआर दर्ज की हैं।