हरियाणा के चरखी दादरी में दूषित पानी की सप्लाई को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया कि समस्या का निदान करने के लिए कदम उठा रहे हैं। इसके साथ ही सरकार ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से मोहलत भी मांगी है। हाईकोर्ट ने सुनवाई 31 जनवरी तक स्थगित कर दी है। स्थानीय निवासी महेश कुमार व अन्य ने याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट को बताया था कि शहर के ज्यादातर वार्ड व कॉलोनियों में पानी की भारी किल्लत है। पानी आता भी है तो वह बहुत दूषित होता है। लोगों को लंबे समय से समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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शहर में पानी की पाइप लाइन तीन दशक से अधिक पुरानी है। सीवरेज की लाइनों का भी हाल कुछ ऐसा ही है। ऐसे में कई स्थानों पर दोनों पाइप लीक होती हैं और दोनों का पानी मिल जाता है, जिसके चलते पीने के पानी की सप्लाई के साथ सीवरेज का पानी मिलकर पहुंच रहा है। इस बारे में कई स्तर पर शिकायत के बाद भी कोई हल नहीं निकला। याची ने कहा कि इस प्रकार का पानी स्थानीय लोग यदि पीते रहे तो बीमारी फैल सकती है। ऐसे में सरकार और प्रशासन को आदेश दिया जाए कि वे लोगों को साफ पानी मुहैया करवाएं।