हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में लगातार वृद्धि होने लगी है। पराली जलने से रोकने के लिए तैनात अधिकारी, जिला स्तरीय टीम और कमेटियां नाकाम साबित हो रही हैं। इस सीजन में शनिवार को राज्य में एक दिन के अंदर सबसे ज्यादा 98 मामले आए हैं। इस सीजन पराली जलाने के 378 मामले आ चुके हैं।
जो पिछले वर्ष 12 अक्तूबर तक के कुल 345 मामलों से ज्यादा हैं। हरियाणा के साथ पंजाब में भी पराली जलाने के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। पंजाब में पराली जलने के 710 मामले आ चुके हैं। हरियाणा में पराली जलने के सबसे ज्यादा कैथल में 58, कुरुक्षेत्र में 57 और करनाल में 47 मामले आ चुके हैं।
सेटेलाइट और सरकारी आंकड़ों में अंतर
12 अक्तूबर तक राज्य में पराली जलाने के कुल 378 मामले सरकारी आंकड़ों में दर्ज हैं। जबकि सेटेलाइट से ट्रैक आंकड़ों के मुताबिक पराली जलाने के 397 मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि इस पर अधिकारियों का तर्क है कि कई बार टीम के पहुंचने पर घटना नहीं मिलने के कारण उसे सरकारी आंकड़ों में जोड़ा नहीं जाता है।
किस जिले में कितने मामले
- अंबाला - 38
- चखरी-दादरी-0
- फरीदाबाद-17
- फतेहाबाद-22
- हिसार-8
- जींद-34
- कैथल-58
- कुरुक्षेत्र-57
- करनाल-47
- पलवल-19
- पंचकूला-5
- पानीपत-14
- रोहतक-6
- सिरसा-7
- सोनीपत-28
- यमुनानगर-18