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Haryana Budget: आज सैनी खोलेंगे बजट की नायाब पोटली,  सौगातों की बौछार के आसार

Mon, 02 Mar 2026 12:00 AM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

इस बार बजट में लाडो लक्ष्मी योजना का आकार बढ़ने की संभावना है।  सरकार पशुपालकों को मुफ्त पशु बीमा योजना का लाभ दे सकती है। डिटेल में पढ़ें खबर...
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सीएम नायब सैनी बजट पेश करते हुए। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। इस बार बजट में उद्योग, खेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, विकास, महिलाओं, युवाओं, एआई, प्राकृतिक खेती पर फोकस और लाडो लक्ष्मी योजना का आकार बढ़ाने वाला बजट हो सकता है। सैनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2,05,017.29 करोड़ का बजट पेश किया था। यह बजट 2024-25 के संशोधित अनुमानों (1,80,313.57 करोड़) की तुलना में 13.7 फीसदी अधिक है। 2026-27 में कुल बजट 2.25 लाख करोड़ के पार आने का अनुमान है।
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लाडो लक्ष्मी योजना : इस बार बजट में लाडो लक्ष्मी योजना का आकार बढ़ने की संभावना है। एक लाख प्रतिवर्ष आय की सीमा बढ़कर 1.80 लाख रुपये प्रतिवर्ष आय वाली महिलाएं भी योजना में शामिल की जा सकती हैं।

रोजगार : स्वास्थ्य, शिक्षा, निकाय, कृषि, पशु पालन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में रिक्त पद हैं। कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर और दूसरे कई विभागों में पद खाली हैं। इनको भरने की घोषणा हो सकती है।
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पशुपालन : सरकार पशुपालकों को मुफ्त पशु बीमा योजना का लाभ दे सकती है। पशुपालन के लिए अनुदान, डेयरी खोलने के लिए अनुसूचित जाति और महिलाओं को अतिरिक्त अनुदान का निर्णय हो सकता है।

बागवानी : बागवानी की नई नीति को लागू करने के लिए बजट में घोषणा के आसार हैं। बागवानी क्षेत्र में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी (जीका) को लेकर आगामी कार्य योजना तय हो सकती है।

कृषि : कृषि बीमा योजना एक अप्रैल से नए सिरे से प्रदेश में लागू होगी। बदलाव के साथ ही गांव के बजाय एकड़ को इकाई किया जा सकता है। पराली प्रबंधन के लिए 1200 के बजाय 1500 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जा सकता है। धान की सीधे रोपाई करने वालों को 4500 के बजाय 5000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जा सकता है। एआई के माध्यम से खेती को उपयोगी बनाने घोषणा हो सकती है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों के प्रोत्साहन दिया जा सकता है।

सहकारिता : सहकारिता विभाग कंप्रीहेंसिव मल्टीपर्पज एक्टिविटी को-ऑपरेटिव सोसाइटी (सीएम पैक्स) के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की योजनाएं तय की जा सकती हैं। सहकारिता क्षेत्र में दूध व दूसरे क्षेत्रों की सोसाइटी बनाकर काम करने वालों के लिए घोषणा होने के आसार।

शहरी विकास : शहरी विकास के लिए पार्किंग का बजट में प्रावधान हो सकता है। बाजारों व शहरों के सुंदरीकरण, पार्क, कम्युनिटी सेंटर, लाइब्रेरी, कम्युनिटी सेंटर जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए आगामी चरणों में काम की घोषणा हो सकती है।

ग्रामीण विकास : अमृत सरोवर योजना के लिए अधिक बजट मिलने के आसार हैं। गांवों में कम्युनिटी सेंटर, चाैपालों के साथ ही आगामी चरणों में लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना को विस्तार मिल सकता है। विकसित भारत-गारंटी फाॅर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जीरामजी को एक अप्रैल से लागू कराने के लिए केंद्र सरकार दे सकती है राशि।

सिंचाई : प्रदेश में जमीनी जलस्तर नीचे गिर रहा। सिंचाई से संबंधित योजनाओं में अनुदान की योजनाओं में विस्तार के आसार। जमीनी पानी को लेकर नए नियम-निर्देश तय हो सकते हैं।

यातायात : प्रदेश में मेट्रो सेवाओं के विस्तार की आस। रोडवेज की 1000 बस मिलने की उम्मीद। इससे 20 प्रतिशत अतिरिक्त रूट यानी हर गांव तक बसों की आसानी से पहुंच हो सकेगी। हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए हिसार-अंबाला को लेकर बजट में घोषणा के आसार।

 
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एचएसवीपी : प्रदेश में 1.47 लाख एकड़ किसानों की जमीन अधिग्रहित करके 52 से अधिक शहरों में 500 से अधिक सेक्टरों को बसाने की तैयारी। पहले चरण के लिए 13 शहरों को लेकर योजना।

हांसी जिला : बीते साल हिसार से अलग होकर बने हांसी जिले में परिवहन सेवाओं के विस्तार के नए बस अड्डे के विस्तार की योजना। परिवहन विभाग का मुख्यालय। राजस्व के लिहाज से 23वें जिले को लेकर अलग से सभी प्रक्रियाएं पूरी करने व विकास की योजनाएं लागू करने की तैयारी।

एआई : हरियाणा सरकार एआई को लेकर 50 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देने और अगले छह वर्षों में एक लाख नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य तय किया जा सकता है। तीसरी से 12वीं कक्षा तक एआइ आधारित शिक्षा और उच्च शिक्षा में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने की योजना है।

उद्योग : उद्योगों को बढ़ावा देने, एमएसएमई में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, स्टॉर्टअप, नई उद्योग नीति के तहत फैक्ट्री भवनों की ऊंचाई सीमा में छूट और चारों ओर रास्ता छोड़ने की अनिवार्यता में ढील देकर उद्योगपतियों को राहत देने की तैयारी है। नए आवासीय और वाणिज्यिक सेक्टर बसाने का ऐलान सीएम कर सकते हैं।

शिक्षा : पीएमश्री स्कूलों के तर्ज पर 250 सीएमश्री स्कूलों को खोलने की घोषणा हो सकती है। इसके अतिरिक्त स्कूलों इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षकों को कमी सहित अन्य आधुनिक सुविधाओं को लेकर बजट वृद्धि तय है।

खेल : पिछली बार 589 करोड़ की जगह खेल विभाग का बजट इस बार तकरीबन 800 करोड़ रुपये किया जा सकता है। ताकि प्रदेशभर के स्टेडियमों की जर्जर हालत, मूलभूत सुविधाओं, खिलाड़ियों के लिए उपकरण सहित उनके प्रशिक्षण में राशि बढ़ाई जा सके।
 
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