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हड़ताल के कारण सरकारी कार्यालयों में कामकाज ठप

Wed, 13 Nov 2013 08:29 PM IST
अमर उजाला, गुड़गांव
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प्रदेशव्यापी हड़ताल के कारण बुधवार को अधिकतर सरकारी कार्यालयों में कामकाज ठप रहा। कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। हड़ताल के बावजूद बिजली और पानी की आपूर्ति सामान्य रही।
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सर्व कर्मचारी संघ व हरियाणा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर बुधवार को राज्यव्यापी हड़ताल रही। इसमें अधिकतर सरकारी कार्यालयों के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस कारण कामकाज नहीं हो सका। वहीं, हड़ताल में आउटसोर्सिंग के अधिकतर कर्मचारियों ने हिस्सा नहीं लिया। इस कारण पेयजल और बिजली की आपूर्ति सामान्य रही।

लघु सचिवालय परिसर के कार्यालयों में हड़ताल का कुछ हद तक असर दिखा। यहां कार्यालय खाली पड़े दिखे। हड़ताल में अधिकारियों ने हिस्सा नहीं लिया। सभी अधिकारी अपनी ड्यूटी पर रहे।
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हड़ताल में उपद्रव से निपटने के लिए कार्यालयों के बाहर पुलिस तैनात की गई थी। नगर निगम में सफाई कर्मचारियों ने काम का बहिष्कार कर हड़ताल की।

धारा 144 का असर नहीं
प्रशासन की ओर से सरकारी कार्यालयों में धारा 144 लागू की गई थी। इसमें परिसर के 200 मीटर की परिधि में कर्मचारियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध था, लेकिन धारा 144 का कहीं पर किसी तरह का असर नहीं दिखा।

सर्कल कार्यालय में नारेबाजी
बिजली निगम के कर्मचारियों ने सर्कल कार्यालय में नारेबाजी की। यूनियन के प्रधान मुकेश भ्याणा के नेतृत्व में कर्मचारी दोपहर बाद तक धरने पर बैठे। इसके अलावा बिजली निगम के पावर हाउस और खंड कार्यालयों में भी हड़ताल रही।

उपायुक्त दफ्तर तक प्रदर्शन
आशा वर्कर यूनियन, मिड डे मिल वर्कर यूनियन, ग्रामीण चौकीदार सभा, आरडीसी वर्कर यूनियन और रेनबैक्सी वर्कर यूनियन सहित अन्य संगठनों के कर्मचारियों ने कमला नेहरू पार्क से जुलूस निकाला। शहर के अलग-अलग हिस्सों से होते हुए कर्मचारियों ने उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन समाप्त किया। यहां उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। हड़ताल में सीआईटीयू, ऑल इंडिया पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

दस दिन में निकाला जाए हल
ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने अतिरिक्त श्रम आयुक्त नरेश नरवाल को श्रमिक अशांति पर ज्ञापन दिया। यूनियन  की 10 सदस्यीय कमेटी ने ऐलान किया कि अगर 10 दिनों के अंदर उनके विवादों का हल नहीं निकाला गया, तो कमेटी को मजबूर होकर अगला कदम उठाने पर विचार करना पडे़गा। इस मौके पर होंडा यूनियन, हीरो मोटर्स कॉर्प, गुड़गांव हीरो मोटो कॉर्प धारूहेड़ा, रीको ऑटो धारूहेड़ा, लूमैक्स धारूहेड़ा, सुजूकी पावर ट्रेन, नपीनो ऑटो आईएमटी नपीनो आटो उद्योग विहार, एफ.सीसी रिको यूनियन, डेल्फी यूनियन, सीनियर इंडिया, हेमा इंजीनियरिंग, ओमेक्स ऑटो, एसपीआईएल यूनियन, परफैटी मजदूर यूनियन, मारुति सुजूकी कामगार यूनियन, हाईलैक्स यूनियन, ऑटो फिट यूनियन, डिगानिया मेडिकल मजदूर यूनियन, सनबीम ऑटो यूनियन और माइक्रोटेक फोरजिंग आदि यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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