पेयजल की आपूर्ति में सुधार लाने के लिए निगम के बूस्टिंग स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके लिए 21 अक्तूबर को अधिकारियों की बैठक होगी। एक अक्तूबर से पेयजल आपूर्ति निगम के हवाले की जा चुकी है।
पेयजल संबंधी शिकायतों को हल करने के लिए 21 अक्तूबर को बैठक होगी। निगम से मिली जानकारी के अनुसार ओल्ड सिटी क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति के लिए 14 बूस्टिंग स्टेशन बनाए गए हैं।
इनकी पिछले लगभग दस साल से मेंटेनेंस नहीं कराई गई। इससे इनकी क्षमता काफी कम रह गई है। बूस्टिंग स्टेशन की मशीनरी भी काफी पुरानी हो चुकी है। समय पर मेंटेनेंस न किए जाने के कारण ये मशीनें तय क्षमता से आधा काम कर पा रही हैं। इसके चलते आपूर्ति में दिक्कतें आती हैं।
लंबे समय से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को बजट जारी नहीं किया जा रहा था। इससे मेंटेनेंस का काम नहीं कराया जा सका। इसके अलावा शहर के कई हिस्सों में पेयजल की लाइन काफी पुरानी हो चुकी हैं। इससे पानी लीकेज की समस्या हो रही है।
मुख्य अभियंता बीएस सिंगरोहा ने कहा कि 21 अक्तूबर को बैठक में कई मुद्दों पर विमर्श होगा। इसमें पेयजल की शिकायतों को प्राथमिकता से दूर करने पर फैसला लिया जाएगा। आगामी योजनाओं पर भी मंथन किया जाएगा।
इन बूस्टिंग स्टेशन का होगा कायाकल्प
गुड़गांव गांव, चार आठ मरला, कादीपुर, पंजीरी प्लांट, फिरोजगांधी कालोनी, जैकमपुरा, न्यू कालोनी, छोटी माता मंदिर, ओल्ड डीएलएफ, सुखराली, इंडस्ट्रीयल एरिया, सिविल लाइन, शिवाजी नगर, मियावांली कॉलोनी।