इसी कड़ी में शुक्रवार को एक खास योजना लांच की गई। इसकी मदद से न केवल सवारी गलत ऑटो में बैठने से बच सकेगी, बल्कि ऐसा ऑटो चालक चंद मिनट में धरा जाएगा। इसके लिए यात्री को ऑटो में बैठने से पहले 8860622032 नंबर पर एसएमएस करना होगा।
इसके लिए यात्री को एक एसएमएस के एवज में मात्र 30 पैसे चुकाने होंगे। पुलिस कमिश्नर आलोक मित्तल का दावा है कि फिलहाल ऐसी योजना देश के किसी हिस्से में नहीं चल रही है। इसको गुड़गांव पुलिस ने अपने प्रयास से विकसित किया है।
शहर में ऑटो चालकों की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्ता बढ़ने से पुलिस लगातार उन पर नकेल कसने की कोशिश में है। इसके लिए कई तरह के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस कड़ी में शुक्रवार को गुड़गांव पुलिस ने यह खास सेवा लांच की।
लोगाें से अपील की गई है कि ऑटो में यात्रा करने से पहले उसका नंबर एसएमएस कर दें। इसके 30 सेकेंड बाद ही ऑटो से संबंधित पूरा ब्योरा आपके मोबाइल पर आ जाएगा। यदि इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिलती तो समझ लें कुछ गड़बड़ है। ऐसे ऑटो पर सफर करना आपके लिए खतरनाक हो सकता है।
ऐसे ऑटो के बारे में आप पुलिस को देकर उसे पकड़वाने में मदद भी कर सकते हैं। पुलिस आयुक्त ने मीडिया के बीच लोगों से कहा कि थोड़ी सी सजगता से न सिर्फ वे सुरक्षित रह पाएंगे, बल्कि गलत ऑटो चालक पकडे़ जाएंगे। इस खास तरह के सॉफ्वेयर को गुड़गांव पुलिस की आईटी सेल और इंस्पेक्टर जसमेर ने विकसित किया है।
इसकी मदद से अब तक शहर के 18,200 ऑटो का रिकार्ड तैयार किया गया है। आगे भी यह कार्रवाई चलती रहेगी। इस विशेष योजना के तहत रोजाना ऑटो के रिकार्ड सॉफ्टवेयर में अपलोड किए जाएंगे। गुड़गांव में प्रतिदिन औसतन दस ऑटो अथॉरिटी में रजिस्टर होनेे के लिए आते हैं। उनका पूरा ब्योरा रोजाना पुलिस एकत्र करेगी।
टैक्सी के लिए भी शुरू होगी योजना
ऑटो के बाद टैक्सी में सफर करने वालों के लिए पुलिस जल्द यही सेवा लागू करेगी। अभी इससे संबंधित रिकार्ड सॉफ्टवेयर में दर्ज किया जा रहा है। इसके लिए कमर्शियल वाहनों के रिकार्ड इकट्ठे किए जा रहे हैं। इसकी मदद से कै ब में सफर को सुरक्षित बनाया जाएगा।
अब तक के प्रयास
: ऑटो पर उसके मालिक का नाम और रूट का नाम लिखना अनिवार्य
:ऑटो चालकों के लिए ड्रेस कोड
:ऑटो पर महिला हेल्पलाइन और पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर लिखना अनिवार्य
: महिलाओं के लिए पिंक ऑटो चलाया गया
: समय-समय पर चेकिंग अभियान
: शराब पीकर ऑटो चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई