बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बाद भी इन्हें अब तक ढहाया नहीं जा सका। निगम के दायरे में आने वाले 39 गांवों में बिना किसी मैप के खड़ी हो रही 5-6 मंजिला इमारतें भी बड़ा खतरा बनकर उभर रही हैं।
महानगरों में बहुमंजिला भवन लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं। पिछले साल दिल्ली में पांच मंजिला भवन ध्वस्त होने से बड़ा हादसा हुुआ था। इस बार मुंबई में ऐसा हुआ।
गुड़गांव में भी इस तरह का हादसा किसी दिन हो सकता है। नगर निगम की ओर से करीब दो साल पहले सर्वे किया गया था, जिसमें जर्जर भवनों की सूची तैयार की गई थी। इसमें 48 भवनों को बेहद खतरनाक माना गया है। यह भवन किसी भी समय ढह सकते हैं।
नगर निगम की ओर से जून में इन भवन मालिकों को फिर से नोटिस जारी किया गया था, जिसमें भवन मालिकों को खुद इन भवनों को गिराने के आदेश दिए गए थे। स्थानीय निकाय के अधिकारियों ने इस पर जवाब भी मांगा था। भवन मालिकों की ओर से अब तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई।
निगम की ओर तैयार की गई इस सूची में सभी जर्जर भवन पुराने शहर में हैं। यह भवन 40 से 60 साल पुराने हैं। भवन मालिक जर्जर भवनों को खुद नहीं हटाएंगे तो निगम की ओर से इन्हें हटाने का प्रावधान है, जिसमें हटाने पर आने वाला खर्च निगम मकान मालिक से ही वसूलेगा।
कब-कब हादसे
-25 सितंबर को सदर बाजार के पास बेसमेंट खोदते समय साथ बने भवन की दीवार ढही, महिला घायल।
-जून में उद्योग विहार में दो मंजिला भवन ध्वस्त हुआ।
-अगस्त, 2012 में खेड़कीदौला में दो मंजिला भवन गिरा।
-सितंबर, 2010 में नाथुपूर गांव में जर्जर मकान ढहा।
गांव में बन रहा बड़ा खतरा
निगम के दायरे में आने वाले 39 गांवों में बड़े स्तर पर बहुमंजिला भवन तैयार हो रहे हैं। इसके लिए निगम से किसी तरह की अनुमति नहीं ली जा रही। मकान मालिक छह से सात फीट चौड़ी गलियों में भी 5 से 6 मंजिला भवन खड़े कर रहे हैं। भवन निर्माण के मानकों पर ध्यान नहीं दे रहे।
यहां बन रहे बहुमंजिला भवन
गांव सुखराली, झाड़सा, सरहौल, डूंडाहेड़ा, इस्लामपुर, सीही, खेड़कीदौला, सिलोखरा, गुड़गांव गांव, भीमगढ़ खेड़ी, चौमा, बादशाहपुर, वजीराबाद, कन्हई, सिकंदपुर, नाथुपूर और कादीपुर।
ये हैं मानक
-रिहायशी भवन के लिए 15 मीटर से कम ऊंचाई तक ही अनुमति।
-15 मीटर से ऊंचा भवन तैयार करने के लिए निगम से विशेष अनुमति की जरूरत।
-ऐसे भवन मालिक को आग से सुरक्षा के लिए प्रबंध करने होंगे।
-निगम की ओर से इनकी जांच की जाएगी।
-जांच के बाद मकान मालिक को एनओसी दी जाएगी।
-आग से बचाव के लिए लिफ्ट के अलावा सीढ़ियां भी बनानी हाेंगी।
जल्द ली जाएगी रिपोर्ट
फायर ऑफिसर आरडी भारद्वाज ने कहा कि जर्जर भवनों को समय-समय पर नोटिस जारी किया गया है। जल्द ही इस पर रिपोर्ट ली जाएगी। बहुमंजिला भवन के लिए अलग से मानक हैं। निगम क्षेत्र में करीब 609 बहुमंजिला भवन हैं।