फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मच्छरों के अब केवल पांच ठिकाने

Sun, 17 Nov 2013 07:48 PM IST
अमर उजाला गुड़गांव
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में मलेरिया और डेंगू का प्रकोप फैलाने वाले मच्छरों के लिए अब केवल पांच ठिकाने रह गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इन पांच स्थानों को भी जल्द ही मच्छरों के आतंक से मुक्त करा दिया जाएगा।
विज्ञापन


जिला मलेरिया विभाग की रिपोर्ट के अनुसार इस साल अभी तक डेंगू के 325 मरीज मिल चुके हैं। शहर का ऐसा कोई स्थान नहीं जहां पर मच्छरों का लार्वा न मिला हो। केवल घरों के बाहर ही नहीं, बल्कि लोगों के ड्राइंग रूम तक मच्छर पनपते पाए गए। इस हालात से अंदेशा था कि इस बार पिछले साल की तुलना में मच्छरों का डंक तेज रहेगा। मरीज मिलने के शुरुआती आंकड़ों से ऐसा सच भी साबित होते नजर आया।

पिछले साल अक्तूबर के अंत तक जहां 225 मरीज मिले थे, वहीं इस बार 26 अक्तूबर तक ही डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या 285 हो गई थी। डेंगू के बढ़ते प्रकोप के चलते स्वास्थ्य विभाग ने मच्छर जनित बीमारियों से जुड़े तमाम अभियान नवंबर माह तक चलाने का निर्णय लिया था। इन अभियानों के चलते शहर के तमाम हिस्सों से मच्छरों का लार्वा मिलने में भारी कमी आई है। हालांकि अभी भी पांच क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पहले की तरह ही मच्छरों का लार्वा मिल रहा है।
विज्ञापन

यह है मच्छरों का आखिरी ठिकाना
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. महेंद्र ने बताया कि अब केवल मूल्लाहेड़ा, डूंडाहेड़ा, सरहौल, कार्टरपुरी और बास गांव में ही मच्छरों का लार्वा अधिक मिल रहा है। यहां 297 घरों की जांच में 61 घरों के भीतर और 48 घरों के पास लार्वा मिला है। इससे पहले पांच नवंबर को इन स्थानों की जांच की गई थी। जांच में कुल 545 घरों में से 121 घरों के भीतर और 82 घरों के पास मच्छरों का लार्वा मिला था। इसके अलावा अन्य तमाम स्थानों पर लार्वा मिलने के मामलों में भारी गिरावट आई है।
 
बाकी सभी स्थान लगभग सुरक्षित
शीतला कॉलोनी, गोपाल नगर, लक्ष्मण विहार, राजीव नगर, शक्ति पार्क, हरिनगर, ओम नगर , मदनपुरी, बाघनकी, अशोक विहार, गुड़गांव गांव, झाड़सा, डीएलएफ और सुशांत लोक समेत कई स्थान बेहद ही संवेदनशील थे। अब इन सभी क्षेत्रों को मच्छरों के आतंक से मुक्ति मिल रही है। यहां औसतन 200 घरों की जांच में पांच घरों के भीतर ही मच्छरों का लार्वा है। मलेरिया विभाग का दावा है कि एक सप्ताह के भीतर मच्छरों का आतंक पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें