राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 23 नवंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 16 हजार विवादों पर सुनवाई होगी। इसके लिए जिला अदालत की सभी कोर्ट खुली रहेंगी।
राष्ट्रीय लोक अदालत में वाहन दुर्घटना मुआवजा केस, वैवाहिक मामले, मजदूरी विवाद, जमीन अधिग्रहण मुआवजा संबधित, दीवानी मामले जैसे किराया, बैंक ऋण, राजस्व, मनरेगा, बाढ़ मुआवजा, बिजली-पानी बिल से संबंधित, बच्चों व पत्नी के भरण-पोषण के लंबित मामले, चेक बाउंस, राजीनामा और फौजदारी के अलावा अन्य लंबित मामलों पर सुनवाई होगी।
पूरे जिले की अलग-अलग अदालतों में 80 हजार से अधिक लंबित मामलों में 20 प्रतिशत की सुनवाई उस दिन होगी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुरुचि अतरेजा ने अमर उजाला को बताया कि 10 हजार से अधिक मामलों के निपटारे की उम्मीद है।
इसके लिए 34 कोर्ट के साथ, लेबर कोर्ट, पटौदी व सोहना की कोर्ट भी विशेष तौर से खुलेंगी। उन्होंने न्यायालय में लंबित मामलों के निपटारे के लिए याचिकाकर्ताओं से अपील की है कि वे अपने मामलों के निपटारे के लिए आगे आएं।
थाने में महिला वकील
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से डीएलएफ फेज-वन थाने में महिला वकील की दो घंटे तैनाती की गई है। वकील की सेवा की आवश्यकता की पहल पर सफलता मिलने पर उसे सभी थानों में लागू किया जाएगा। अब तक जेल में बंद लोगों के लिए यह सुविधा उपलब्ध थी। अब इसे थाना स्तर पर पहुंचाया जा रहा है।