आयुध डिपो के प्रतिबंधित दायरे में रहने वाले लाखों लोगों को अभी इंतजार करना होगा। दरअसल, आयुध डिपो के प्रतिबंधित 900 मीटर दायरे को लेकर मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई।
इसमें प्रदेश सरकार ने आयुध डिपो पर प्रस्ताव नहीं दिया। ऐसे में उच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार की ओर से बरती गई देरी पर सख्त रवैया अपनाया। उच्च न्यायालय ने आदेश की पालना न करने पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
प्रदेश सरकार को 22 नवंबर की तारीख पर पूरे प्रस्ताव के साथ हाजिर होने का आदेश दिया है। ऐसा न होने पर मुख्य सचिव को तलब किया जाएगा।
गौरतलब है कि आयुध डिपो के 900 मीटर पर 31 जुलाई को सुनवाई हुई थी, जिसमें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने मुख्य सचिव की निगरानी में एक समिति बनाने का निर्देश दिया था।
समिति को 22 अक्तूबर को आयुध डिपो की समस्या के निदान के साथ आने के लिए आदेश दिया। इसमें प्रदेश सरकार को यह बताना था कि आयुध डिपो को स्थानांतरित किया जा सकता है या नहीं। अगर डिपो को स्थानांतरित किया जाएगा तो मुआवजा कौन देगा। किस योजना के तहत इन लोगों का पुनर्वास किया जाएगा।
साथ ही वायुसेना के अधिकारियों से भी समाधान पर सहमति मांगी गई थी। आयुध डिपो के बारे में वायुसेना के अधिकारियों से जवाब मांगा गया, जिसमें डिपो को स्थानांतरित किए जाने पर सहमति पूछी। वायुसेना के अधिकारियों ने डिपो के स्थानांतरण से इनकार कर दिया।
उच्च न्यायालय ने वायुसेना के अधिकारियों से इस पर शपथ पत्र मांगा है। वायुसेना के उच्च अधिकारियों की ओर से अगली तारीख पर यह शपथ पत्र अदालत को सौंपा जाएगा। आयुध डिपो मामले में निगम पार्षद गजे सिंह कबलाना उच्च न्यायालय पहुंचे।
दिवाली से पहले तोहफे की उम्मीद थी
आयुध डिपो के प्रतिबंधित 900 मीटर के दायरे में रहने वाले करीब दो लाख लोगों को दिवाली से पहले तोहफा मिलने की उम्मीद थी। फिलहाल सरकार की ओर से प्रस्ताव न मिलने के कारण यह उम्मीद धुंधली हो गई है।
स्थानांतरण पर वायुसेना का इनकार
प्रदेश सरकार की ओर से फरीदाबाद के तिलपत एरिया में डिपो शिफ्ट करने के बारे में विचार किया जा रहा है। वहां प्रदेश सरकार की करीब तीन हजार एकड़ जमीन उपलब्ध है, जिस पर वायुसेना ने सहमति देने से इनकार कर दिया।
आदेश जारी रहेंगे, निर्माण पर प्रतिबंध
आयुध डिपो के 900 मीटर दायरे में अदालत के पूर्व के आदेश जारी रहेंगे, जिसमें किसी भी नए निर्माण पर प्रतिबंध रहेगा। इस दायरे में करीब 12 कॉलोनियों का 2,213 एकड़ एरिया शामिल है। इस पर निगम की ओर से निगरानी की जा रही है।