जिला प्रशासन जहां डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और अन्य विभागों से सहयोग मांग रहा है, वहीं मलेरिया विभाग ने समय से पहले ही डेंगूरोधी अभियान की समाप्ति करके सबको चौंका दिया है। यह हालात उस समय के हैं, जब डेंगू के मरीज अभी भी मिल रहे हैं।
जिला स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अभी तक डेंगू के 457 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। 15 नवंबर तक डेंगू के 415 मामलों की पुष्टि हो चुकी थी। इस लिहाज से देखा जाए तो पिछले एक सप्ताह के दौरान डेंगू के 42 नए मामले सामने आए। विभाग ने दावा किया था कि जब तक एक भी मरीज मिलेगा, तब तक अभियान जारी रहेगा।
केवल 15 नवंबर तक लगी हाजिरी
डेंगू की रोकथाम के लिए अक्तूबर माह में 100 सर्वेयर लगाए गए थे। सर्वेयरों को भरोसा दिलाया गया था कि उन्हें दिसंबर माह के अंत तक काम मिलेगा। लेकिन 15 नवंबर के बाद सर्वेयर को न तो हाजिरी रजिस्टर दिया गया और न ही छिड़काव करने के लिए दवा दी। यही नहीं, अक्तूबर माह में 30 दिन काम कराने के बाद सर्वेयर्स को केवल 20 दिन का वेतन थमा दिया गया।
निगरानी तो रखी ही जाएगी
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार का कहना है कि लारवा तलाशना, दवा का छिड़काव और मरीजों को दवा खिलाने समेत सभी अभियान को विराम दे दिया गया है, लेकिन निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि हाल में डेंगू का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। 15 नवंबर तक सर्वेयर्स ने जो काम किया है, उसके वेतन का भुगतान दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में करा दिया जाएगा।