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सौर ऊर्जा से जगमग होगी साइबर सिटी

Sat, 17 Nov 2012 02:11 PM IST
गुड़गांव/ब्यूरो
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साइबर सिटी अब सौर ऊर्जा से रोशन होगी। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने ग्रीन रिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। एडविट फाउंडेशन यह प्रोजेक्ट द यूनियन मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रीन्यूएबल एनर्जी और युनाइटेड स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी के सहयोग से पूरा करेगा। ग्रीन रिंग प्रोजेक्ट का उद्देश्य सौर ऊर्जा का उपयोग कर शहर को रोशन करना है।
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सौर ऊर्जा के माध्यम से न केवल ऊंची इमारतों को रोशन किया जाएगा, बल्कि घरों, पुलिस स्टेशन, अस्पताल और स्कूलों को भी इससे जोड़ने की योजना है। यहां तक कि स्ट्रीट लाइट्स भी सौर ऊर्जा के माध्यम से ही जगमगाएंगी। हाल ही में मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रीन्यूएबल एनर्जी के निदेशक डॉ. एके त्रिपाठी की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, जिसमें सौर ऊर्जा के विस्तार कार्यक्रम पर चर्चा की गई। बैठक में हुए विचार मंथन के बाद हुडा ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी प्रदान कर दी है।

सभी महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल होंगे
एडविट फाउंडेशन की निदेशक चारू जैन बताती हैं कि प्रोजेक्ट के तहत सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर करने की योजना है। शुरुआत में हुडा सिटी सेंटर से गोल्ड एक्सटेंशन रोड और सोहना रोड से गोल्फ कोर्स रोड पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। रियल इस्टेट डेवलपर से भी बातचीत की जा रही है, ताकि ऊंची इमारतों में भी सौर ऊर्जा के माध्यम से रोशनी की जा सके।
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पर्यावरण को नहीं होगा नुकसान
साइबर सिटी में बिजली संकट किसी से छिपा नहीं है। बिजली गुल होने पर जनरेटर चलाए जाते हैं, जिससे भारी मात्रा में वायु प्रदूषण होता है। सौर ऊर्जा के माध्यम से न केवल ऊर्जा पर आने वाला व्यय कम होगा, बल्कि इससे पर्यावरण भी संरक्षित रहेगा।

खर्चा ज्यादा, तो लाभ भी कम नहीं
सौर ऊर्जा उपकरण लगाने का खर्च प्रति किलोवॉट तय होता है। चारू जैन ने बताया कि इसमें दो लाख रुपये प्रति किलोवॉट की लागत है, जिसमें सरकार की तरफ से 30 फीसदी सब्सिडी मिलती है। बिजली की अपेक्षा सौर ऊर्जा महंगी पड़ती है, लेकिन अगर डीजल जलाकर बिजली पैदा की जा रही है तो यह कहीं ज्यादा सस्ती है।

ग्रीन रिंग प्रोजेक्ट महत्वाकांक्षी योजना है। प्रयास रहेगा कि इस योजना को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाया जा सके। भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए भी इस प्रोजेक्ट से खासी उम्मीदे हैं।
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डॉ. प्रवीण कुमार, हुडा प्रशासक
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