जिलाधीश ने अपने आदेश में कहा कि कैमरे ऐसे होने चाहिए, जिसमें कम से कम एक महीने की फुटेज स्टोर करने की क्षमता हो।
आदेश में कहा है कि आपराधिक प्रवृति के लोग गुड़गांव जिले में घटनाओं को अंजाम देकर पड़ोसी जिलों तथा राज्यों में आराम से निकल जाते हैं। उनकी पहचान नहीं हो पाने के कारण उन्हें पकड़ पाना असंभव हो जाता है।
टोल बूथों पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने से ऐसे लोगों की आसानी से पहचान हो सकेगी। अपराध में प्रयोग किए गए वाहन भी कैमरे में कैद किए जा सकेंगे। इसकी अवहेलना करने वालों के खिलाफ धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।