अखिल भारतीय नाट्य एवं नृत्य महोत्सव में 18 राज्यों के कलाकार भारतीय संस्कृति और सभ्यता की अमिट छाप छोड़ रहे हैं। रोटरी पब्लिक स्कूल में महोत्सव के तीसरे दिन मंच के माध्यम से कलाकारों ने लोक कलाओं की ऐसी मनोरम धराओं का प्रतिपादन किया कि हर कोई उनका मुरीद हो गया। नृत्य हो या नाटक हर विधा निराली थी।
नृत्य की कड़ी में पहली पेशकश विलोचन डांस अकादमी जबलपुर की थी। जनरल डांस की कड़ी में प्रस्तुत इस नृत्य में नौ दुर्गा स्तुति का धार्मिक वर्णन किया गया।
नृत्य कर रहे कलाकारों ने दुर्गा के नौ रूपों को स्टेज पर ऐसा पेश किया कि मानों वास्तव में देवियां स्वर्ग से मंच पर प्रकट हो गईं हैं। इसके बाद नवोदय कलामंच छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किया। यह नृत्य भी बड़ा बेजोड़ रहा। बोल बम नृत्य दल उड़ीसा के कलाकारों ने भी बेहतरीन नृत्य से सभी का दिल जीता।
हिप हॉप पर झूम उठे
डी वायरस डांस अकादमी मिर्जापुर के कलाकारों ने मॉर्डन डांस हिप-हॉप की प्रस्तुति दी। इस डांस ने तो माहौल में उबाल ला दिया। हर कोई अपनी-अपनी जगह पर झूमने को मजबूर हो गया। निष्ठा सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष संजय भसीन और महासचिव सुमेर सिंह तंवर ने बताया कि कलाकारों की इस पेशकश ने सभी की वाहवाही लूटी।
नाटकों ने कभी हंसाया तो कभी रुलाया
शनिवार को निष्ठा सांस्कृतिक मंच पर कुछ बेजोड़ नाटकों का मंचन हुआ। दून घाटी रंगमंच देहरादून का नाटक ‘तुगलक’ बड़ा ही रोचक और सीख देने वाला था। आजकल की राजनीतिक व्यवस्थाओं और प्रशासन के तुगलकी फरमान की धज्जियां उठाईं गईं। इस नाटक के लेखक प्रसिद्ध रंगकर्मी गिरीश कर्नाड हैं। शाहजहांपुर के कलाकारों ने नाटक ‘कथा कही एक जले पेड ने’ का मस्त मंचन किया गया। इसके लेखक भानु भारती हैं।