गुड़गांव/नूंह। आखिरकार रेल बजट में मेवात में रेल पहुंचाने की मांग पूरी होने का रास्ता साफ हो गया। लेकिन रेल मंत्री के मेवात तक रेल पहुंचाने की घोषणा के बावजूद अब तक रहस्य बरकरार है कि किस रूट से रेलगाड़ी पहुंचेगी। इसके दो रूटों को लेकर किए गए सर्वे ने असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।
बजट पेश करते समय रेल मंत्री पवन बंसल ने दिल्ली सेे सोहना, नूंह, फिरोजपुर झिरका और अलवर के लिए रेलगाड़ी चलाने की बात कही है। जबकि इस तरह के रूट को लेकर अब तक कोई सर्वे नहीं हुआ है। दिल्ली से सीधे सोहना तक रेलवे ट्रैक बिछाना कतई संभव नहीं। इसके लिए अलवर तक नई रेलवे लाइन बिछानी होगी।
मेवात में रेलगाड़ी चलाने की मांग जब-तब उठती रही है। सर्वे भी समय-समय पर होते रहे हैं। ताजा सर्वे दो रूटों का है। एक है दिल्ली- गुड़गांव- सोहना-नूंह-फिरोजपुर झिरका-अलवर और दूसरा दिल्ली-बल्लभगढ़-असावटी-सोहना-नूंह-फिरोजपुर झिरका से होते हुए अलवर। मेवात में रेल परियोजना के लिए 1993 में भी एक सर्वे हो चुका है। बजट के बाद भी यह साफ नहीं हो पाया है कि रेलमंत्री किस रूट से मेवात तक रेल पहुंचाने की बात कर रहे हैं।
नूंह के विधायक आफताब अहमद भी मानते हैं कि दो सर्वे रिपोर्ट की वजह से अभी थोड़ा असमंजस है, लेकिन मेवात ट्रेन पहुंचेगी यह तो अब तय हो ही गया। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि इस परियोजना में गुड़गांव को किसी न किसी रूप में शामिल किया, क्योंकि इस रूट पर सबसे ज्यादा यात्री हैं। उल्लेखनीय है कि सोमवार देर शाम आफताब ही मुख्यमंत्री का प्रस्ताव लेकर रेलमंत्री के पास गए थे। उसमें मेवात तक रेल पहुंचाने काआधा खर्च वहन सरकार द्वारा उठाने की बात कही गई है।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली से मेवात होकर अलवर तक रूट का सर्वे पहले ही पूरा हो चुका है। इसकी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड और प्रदेश सरकार को सौंपी जा चुकी है। साथ ही रेलवे बोर्ड ने प्रदेश सरकार से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू करने को भी कहा है।
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जमीन अधिग्रहीत होने वाले संभावित गांव
उदाका, आटा, बारोटा, कंवरसिका, महरौला, धीरधुका, रूपाहेड़ा, गजरपुर, बड़वा, सादेंई, रिठोटा, चंदेनी, नूंह, खानपुर, जलालपुर, मऊ, अकलीमपुर, राजाका, उलेटा, करहेड़ा, नगीना सांटावाड़ी, मांडीखेड़ा, नांगल साबित, जाटका, सिसवाना, साकरस, नसीरबाद, कालिया बास, भोला बास, पटपड़ बास, धमाला, टीकरी, राजौली, टोंड कलां, फिरोजपुर झिरका, माहौली, अकनाका, बिलौंडा, सोलपुर, अगोना, पाठखोरी, रावली, पाटन और दोहा।
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रूट पर लाइन बिछाने का सर्वे पूरा कर रिपोर्ट पहले ही सौंप दी गई है। मेवात के 45 गांवों में रेल लाइन बिछाई जानी है। इनमें गुड़गांव के सोहना का हिस्सा भी शामिल है।
-वाईएस चौधरी, उत्तर रेलवे के उप मुख्य अभियंता (सर्वे)